Ghaziabad में होमबायर्स की बड़ी जीत, 15 साल बाद बिल्डर को पैसे लौटाने का आदेश
Ghaziabad: घर का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। गाजियाबाद के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में फंसे होमबायर्स ने 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई जीत ली है। दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदेश दिया है कि बिल्डर
Ghaziabad: घर का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। गाजियाबाद के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में फंसे होमबायर्स ने 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई जीत ली है। दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदेश दिया है कि बिल्डर सोसाइटी अब ग्राहकों के पैसे ब्याज समेत वापस करे।
यह मामला Sanchar Nest Sahakari Awas Samiti Ltd की Palm Wood Enclave परियोजना से जुड़ा है। NHAI के दो कर्मचारी, प्रमोद कुमार महोपत्रा और महेंद्र सिंह बिष्ट ने साल 2010 में 3BHK फ्लैट्स के लिए निवेश किया था। उन्हें 2012 तक कब्जा मिलना था, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी उन्हें घर नहीं मिला। पहले यह प्रोजेक्ट नोएडा में था, जिसे बाद में जमीन विवाद के कारण गाजियाबाद के Wave City में शिफ्ट किया गया।
आयोग ने पाया कि सोसाइटी ने सेवा में कमी की और ग्राहकों के साथ गलत व्यवहार किया। बिल्डर ने देरी के लिए जमीन विवाद, बढ़ती लागत और कोविड-19 जैसे बहाने बनाए, लेकिन कोर्ट ने इन्हें मानने से इनकार कर दिया क्योंकि प्रोजेक्ट महामारी से बहुत पहले ही लेट हो चुका था।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल रिफंड राशि | 79.43 लाख रुपये |
| अतिरिक्त मुआवजा | 5 लाख रुपये (मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च) |
| ब्याज दर | 8.25% वार्षिक (8 अगस्त 2026 तक) |
| पेनल्टी ब्याज | 11.25% वार्षिक (यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ) |
| प्रोजेक्ट का नाम | Palm Wood Enclave |
| फैसला सुनाने वाली बॉडी | Delhi State Consumer Disputes Redressal Commission |
कोर्ट ने साफ किया कि RERA एक्ट होने के बावजूद ग्राहक उपभोक्ता अदालत जा सकते हैं। अब सोसाइटी को 8 अगस्त 2026 तक पूरा भुगतान करना होगा, वरना ब्याज दर बढ़ाकर 11.25% कर दी जाएगी।