Ghaziabad में बच्चों की तस्करी का बड़ा रैकेट पकड़ा गया, 16 आरोपी गिरफ्तार

Ghaziabad: गाजियाबाद की Tronica City पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग गरीब परिवारों को निशाना बनाकर उनके बच्चों को बेचने का काम करता था। पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 16 लो

Ghaziabad: गाजियाबाद की Tronica City पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग गरीब परिवारों को निशाना बनाकर उनके बच्चों को बेचने का काम करता था। पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन को शुक्रवार, 26 जून 2026 को पकड़ा गया।

यह पूरा मामला मई महीने से शुरू हुआ था। 23 मई को गाजियाबाद में एक मजदूर परिवार में बेटी का जन्म हुआ था। आरोप है कि 26 मई को पूजा नाम की एक जान-पहचान वाली महिला ने 11 दिन की उस बच्ची को उसके घर से अगवा कर लिया और मोनू उर्फ मनोज को सौंप दिया। पुलिस ने खुफिया जानकारी, CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से 2 जून को बच्ची को सुरक्षित बचा लिया और शुरुआती कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

ताजा कार्रवाई में पुलिस ने दिल्ली की रहने वाली तरन्नुम (29), गुड़गांव की करुणा (49) और लखीमपुर खीरी के अनिल लकड़ा (33) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट दिल्ली-NCR में सक्रिय था और ऐसे गर्भवती महिलाओं की तलाश करता था जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो। गैंग के लोग इन परिवारों को पैसों का लालच देकर बच्चों को खरीदने का सौदा करते थे।

इस गैंग के काम करने का तरीका बहुत शातिर था। वे WhatsApp के जरिए बातचीत करते थे और सौदा पूरा होते ही सबूत मिटाने के लिए चैट और फोटो डिलीट कर देते थे। इतना ही नहीं, वे माता-पिता को भुगतान करने के लिए असली नोटों के साथ जाली नोट भी मिला देते थे। उन्हें भरोसा था कि पैसे लेने के कारण पीड़ित परिवार पुलिस के पास जाने से डरेंगे। पुलिस के मुताबिक, बचाई गई बच्ची को आंध्र प्रदेश के एक दंपत्ति राजू और दीप्ति को बेचा जाना था।

ट्रोनिका सिटी पुलिस स्टेशन में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण), 143(4) (तस्करी), 61 (आपराधिक साजिश) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत FIR दर्ज की गई है।