Delhi: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) द्वारा गयाना (Guyana) में कैंपस खोलने की तैयारी अब कानूनी विवादों में फंस गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें इस कैंपस को असंवै
Delhi: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) द्वारा गयाना (Guyana) में कैंपस खोलने की तैयारी अब कानूनी विवादों में फंस गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें इस कैंपस को असंवैधानिक बताया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों हो रहा है विरोध
यह पूरा मामला यूनिवर्सिटी के दिल्ली से बाहर कैंपस खोलने की कानूनी अनुमति से जुड़ा है। एक जनहित याचिका (PIL) में कहा गया कि GGSIPU दिल्ली के बाहर काम करके अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन कर रही है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी एक्ट 1998 और संविधान के नियमों के मुताबिक दिल्ली विधानसभा को दिल्ली के बाहर के लिए कानून बनाने का हक नहीं था। सितंबर 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर यूनिवर्सिटी, दिल्ली सरकार और UGC से जवाब मांगा था और बाहरी गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया था।
यूनिवर्सिटी और सरकार का क्या कहना है
GGSIPU ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनके पास कैंपस खोलने की पूरी कानूनी शक्ति और जरूरी मंजूरियां हैं। इस प्रोजेक्ट को भारत और गयाना दोनों सरकारों की मंजूरी मिली है। साथ ही, गयाना की सरकार ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में मदद का भरोसा दिया है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, यह कदम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत उठाया गया है, जो भारतीय यूनिवर्सिटीज को दुनिया भर में फैलने के लिए प्रोत्साहित करती है।
अब तक की मुख्य बातें
- PMO में शिकायत दर्ज होने के बाद दिल्ली उच्च शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट मांगी है।
- गयाना की शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली GOAL संस्था ने कैंपस के लिए मंजूरी दी थी।
- दिल्ली के उच्च शिक्षा मंत्री ने इस पहल को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
- यूनिवर्सिटी को कानूनी विशेषज्ञों की सलाह से MoU तैयार करने को कहा गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GGSIPU के गयाना कैंपस पर विवाद क्यों हो रहा है?
विवाद इस बात पर है कि क्या दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी दिल्ली की सीमा से बाहर कैंपस खोल सकती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह यूनिवर्सिटी एक्ट और संविधान के नियमों के खिलाफ है।
यूनिवर्सिटी ने अपनी सफाई में क्या कहा है?
यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनके पास सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां हैं और यह प्रोजेक्ट NEP 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसे भारत और गयाना दोनों सरकारों का समर्थन प्राप्त है।