UP के गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी और IN-SPACe ने मिलाया हाथ, लड़कियों का मिशन ShakthiSAT जाएगा चांद पर
UP/Greater Noida: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा की Gautam Buddha University (GBU), Space Kidz India और IN-SPACe ने मिलकर ‘मिशन ShakthiSAT’ को सपोर्ट करने का फै
UP/Greater Noida: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा की Gautam Buddha University (GBU), Space Kidz India और IN-SPACe ने मिलकर ‘मिशन ShakthiSAT’ को सपोर्ट करने का फैसला किया है। यह दुनिया का पहला ऐसा इंटरनेशनल सैटेलाइट मिशन है जिसे सिर्फ लड़कियां चलाएंगी और यह चांद की ओर जाएगा।
इस मिशन का मुख्य मकसद 14 से 18 साल की करीब 12,000 छात्राओं को STEM शिक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ना है। इसमें 108 देशों की लड़कियां हिस्सा ले रही हैं। इन छात्राओं को 120 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें विज्ञान और सैटेलाइट से जुड़े 21 मॉड्यूल और 365 सबक शामिल हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट का बजट करीब 150 करोड़ रुपये रखा गया है।
मिशन के तहत दो सैटेलाइट बनाए जाएंगे, जिनमें से एक चांद की सतह पर उतरेगा और दूसरा चांद के चारों ओर चक्कर लगाएगा। इसकी तैयारी के लिए चयनित छात्राएं 23 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच सैटेलाइट बनाने और उसे जोड़ने के लिए Delhi आएंगी। इस मिशन की शुरुआत 16 जनवरी 2025 को हो चुकी थी और इसका मुख्य लॉन्च अक्टूबर 2026 में तय है।
Space Kidz India की फाउंडर और मिशन डायरेक्टर Dr. Srimathy Kesan ने बताया कि इस मिशन का लक्ष्य इस सोच को बदलना है कि स्पेस और डीप टेक सिर्फ लड़कों के लिए है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस सैटेलाइट को ISRO के Chandrayaan-4 मिशन के साथ 2026 में लॉन्च किया जा सकता है। इससे पहले 11 अक्टूबर 2026 को श्रीहरिकोटा से एक सैटेलाइट को Low Earth Orbit (LEO) में भेजा जाएगा।
इस मिशन में भारत से छत्तीसगढ़ के रायपुर की 14 साल की छात्रा महिमा राजपूत का चयन हुआ है, जो दिल्ली आकर ट्रेनिंग लेंगी। मिशन को आगे बढ़ाने में पद्मश्री Dr. Pawan Goenka और पूर्व IAF पायलट Wg Cdr Jaya Tare जैसे दिग्गजों का मार्गदर्शन मिल रहा है।