Gautam Adani ने साझा किया अपना संघर्ष, 16 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे थे, बताया कानूनी लड़ाई का अनुभव
Finance: Adani Group के चेयरमैन Gautam Adani ने बुधवार को ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ के दूसरे संस्करण में अपनी जीवन यात्रा और कंपनी की कानूनी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक किशोर के रूप में उन
Finance: Adani Group के चेयरमैन Gautam Adani ने बुधवार को ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ के दूसरे संस्करण में अपनी जीवन यात्रा और कंपनी की कानूनी चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक किशोर के रूप में उन्होंने बिना किसी तय रास्ते के केवल कड़ी मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया।
Gautam Adani ने याद किया कि जब वह 16 साल की उम्र में घर छोड़कर Mumbai पहुंचे थे, तब उनके पास न तो मां के हाथ का खाना था और न ही पिता का संरक्षण। उन्होंने कहा कि आज जब वह अपने प्रोजेक्ट साइट्स पर देश के कोने-कोने से आए युवाओं को देखते हैं, तो उन्हें अपनी ही कहानी नजर आती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय हर दिन कुछ नया सीखने की इच्छा और साहस को दिया।
इस संबोधन के दौरान उन्होंने Hindenburg Research के आरोपों और US Department of Justice (DoJ) के आपराधिक मामले जैसी कानूनी मुश्किलों का भी जिक्र किया। यह बयान 10 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क की अदालत द्वारा DoJ केस को खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। Adani ने कहा कि इन अनुभवों ने ग्रुप के सिद्धांतों की परीक्षा ली और मुश्किल समय ही इंसान के चरित्र को सामने लाता है।
उन्होंने भरोसे को कानूनी अधिकार से बड़ा बताया और उदाहरण दिया कि कैसे ग्रुप ने कानूनी अधिकार होने के बावजूद अपना 20,000 करोड़ रुपये का Follow-on Public Offer (FPO) वापस ले लिया था। उन्होंने अपने कर्मचारियों और पार्टनर्स का शुक्रिया अदा किया और कहा कि आलोचना से आत्मनिरीक्षण करने का मौका मिलता है।
अंत में उन्होंने ‘Adani Parivar’ से अपील की कि वे पिछले दो वर्षों की सीख को विनम्रता और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाएं। उनका लक्ष्य ऐसे संस्थान बनाना है जो व्यक्तियों से ऊपर हों और एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें। बता दें कि इस सीरीज की शुरुआत 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर हुई थी।