Maharashtra : भारत के सबसे अमीर व्यक्ति Gautam Adani ने मुंबई में वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam से मुलाकात की। यह मुलाकात इंडिया-वियतनाम बिजनेस फोरम के खत्म होने के तुरंत बाद हुई। राष्ट्रपति To Lam 5 मई से 7 मई 2026 तक भा
Maharashtra : भारत के सबसे अमीर व्यक्ति Gautam Adani ने मुंबई में वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam से मुलाकात की। यह मुलाकात इंडिया-वियतनाम बिजनेस फोरम के खत्म होने के तुरंत बाद हुई। राष्ट्रपति To Lam 5 मई से 7 मई 2026 तक भारत के सरकारी दौरे पर थे, जिसके दौरान उन्होंने मुंबई का दौरा किया।
Adani Group वियतनाम में कितना निवेश करेगा?
इस मुलाकात के दौरान Gautam Adani द्वारा वियतनाम में किए जाने वाले 10 अरब डॉलर के निवेश के इरादे पर चर्चा हुई। यह निवेश मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और नई तकनीकों के क्षेत्र में किया जाएगा। Adani Group का पोर्ट्स, एनर्जी, सीमेंट और सेमीकंडक्टर्स जैसे कई सेक्टरों में बड़ा बिजनेस है।
भारत और वियतनाम के बीच क्या हुए समझौते?
दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘एनहेंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर पर पहुंचाया है। इस दौरान कुल 13 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। व्यापार को बढ़ाने के लिए कुछ मुख्य लक्ष्य तय किए गए हैं:
| विवरण |
लक्ष्य/जानकारी |
| व्यापार लक्ष्य 2030 तक |
25 अरब डॉलर |
| संभावित व्यापार लक्ष्य |
30 अरब डॉलर |
| मुख्य फोकस क्षेत्र |
AI, सेमीकंडक्टर्स, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग |
| अन्य सहयोग |
डिजिटल टेक्नोलॉजी और ग्रीन ट्रांजिशन |
महाराष्ट्र सरकार ने वियतनाम को क्या ऑफर किया?
महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री Ashish Jaiswal ने वियतनाम की कंपनियों को राज्य में निवेश करने का न्योता दिया। उन्होंने राज्य के बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बताया और आईटी पार्क व डेटा सेंटर इकोसिस्टम बनाने की योजनाओं की जानकारी दी। राष्ट्रपति To Lam ने मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का भी दौरा किया और वहां पारंपरिक घंटी बजाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gautam Adani वियतनाम में किन क्षेत्रों में निवेश करेंगे?
Gautam Adani वियतनाम में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और नई तकनीकों के क्षेत्र में 10 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं।
भारत और वियतनाम का व्यापार लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जिसे AI और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों के सहयोग से 30 अरब डॉलर तक पहुंचाया जा सकता है।