UP: प्रदेश के सबसे लंबे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त सफर का समय खत्म हो गया है। 15 मई 2026 की मध्यरात्रि 12:00:01 बजे से यहां टोल वसूली शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEI
UP: प्रदेश के सबसे लंबे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त सफर का समय खत्म हो गया है। 15 मई 2026 की मध्यरात्रि 12:00:01 बजे से यहां टोल वसूली शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल की दरें तय कर दी हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली कैसे होगी
इस एक्सप्रेसवे पर टोल की वसूली पूरी तरह से FASTag-आधारित सिस्टम के जरिए की जाएगी। वाहन की तय की गई दूरी के हिसाब से ही FASTag से पैसे कटेंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे पर FASTag का वार्षिक पास मान्य नहीं होगा।
वाहन के अनुसार टोल शुल्क की पूरी लिस्ट
UPEIDA ने अलग-अलग वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब से रेट तय किए हैं, जो नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं।
| वाहन का प्रकार |
शुल्क (प्रति किलोमीटर) |
पूरी यात्रा (594 किमी) का अनुमानित खर्च |
| दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर |
₹1.28 |
– |
| कार, जीप, वैन और हल्के वाहन |
₹2.55 |
लगभग ₹1800 |
| मिनीबस या हल्के माल वाहन |
₹4.05 |
लगभग ₹2840 |
| बस और ट्रक |
₹8.20 |
लगभग ₹5720 |
| भारी मशीनरी और मिट्टी वाहन |
₹12.60 |
– |
| बहु-एक्सल वाहन (7 या अधिक एक्सल) |
₹16.10 |
– |
मुफ्त यात्रा की घोषणा क्यों की गई थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में 15 दिनों के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की थी, ताकि आम लोग इस नए रास्ते का अनुभव कर सकें। अब यह समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल भुगतान का तरीका क्या है
टोल वसूली पूरी तरह से FASTag-आधारित ट्रांजिट सिस्टम से होगी। दूरी के हिसाब से शुल्क कटेगा और यहां वार्षिक पास काम नहीं करेगा।
मेरठ से प्रयागराज तक कार से जाने पर कितना टोल लगेगा
कार, जीप और हल्के वाहनों के लिए ₹2.55 प्रति किलोमीटर की दर है, जिससे पूरी 594 किमी की यात्रा का शुल्क लगभग ₹1800 होगा।