UP: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गंगा एक्सप्रेसवे का काम अब अपने आखिरी दौर में है और यह जल्द ही आम जनता के लिए खुल जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर आसा
UP: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गंगा एक्सप्रेसवे का काम अब अपने आखिरी दौर में है और यह जल्द ही आम जनता के लिए खुल जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर आसान होगा, बल्कि दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे कब खुलेगा और क्या है इसकी खासियत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल, 2026 को हरदोई में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और 30 अप्रैल से यह आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे है जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी अधिकतम स्पीड 120 किमी/घंटा तय की गई है। मेरठ से प्रयागराज के बीच का सफर जो पहले 10-12 घंटे लेता था, अब केवल 6-7 घंटे में पूरा हो जाएगा।
विकास और सुविधाओं का पूरा विवरण
UPEIDA ने इस एक्सप्रेसवे के किनारे नोएडा की तरह ही औद्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। सुरक्षा के लिए पूरे रास्ते सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
| प्रमुख बिंदु |
विवरण |
| कुल लंबाई |
594 किमी (पहला चरण) |
| जुड़े जिले |
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज |
| सुविधाएं |
19 रैंप टोल प्लाजा और 9 जन-सुविधा परिसर |
| विशेष सुविधा |
शाहजहांपुर के पास IAF के लिए 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी |
| कनेक्टिविटी |
जेवर एयरपोर्ट, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ाव |
अभी काम की क्या स्थिति है
20 अप्रैल, 2026 तक मेरठ-प्रयागराज मार्ग पर लगभग 97% काम पूरा हो चुका है। डामर बिछाने का काम हो गया है और अब सड़क के संकेत, रिफ्लेक्टर और टोल बूथों पर रंगाई जैसे अंतिम काम चल रहे हैं। नदी पर बने पुल भी तैयार हैं और उनका अंतिम परीक्षण किया जा रहा है।