Bihar के अजगैवीनाथ धाम में गंगा दशहरा पर उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु, बदहाल घाटों से बढ़ सकता है खतरा
Bihar : गंगा दशहरा के मौके पर सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम में बिहार, झारखंड, बंगाल और नेपाल से लाखों भक्तों के आने की उम्मीद है। 25 मई 2026 को सोमवार के दिन श्रद्धालु पवित्र गंगा स्नान के लिए जुटेंगे। लेकिन इस बार घाटों
Bihar : गंगा दशहरा के मौके पर सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम में बिहार, झारखंड, बंगाल और नेपाल से लाखों भक्तों के आने की उम्मीद है। 25 मई 2026 को सोमवार के दिन श्रद्धालु पवित्र गंगा स्नान के लिए जुटेंगे। लेकिन इस बार घाटों की खराब हालत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
घाटों की क्या है स्थिति और क्यों है खतरा?
अजगैवीनाथ धाम के घाटों पर बैरिकेडिंग पूरी तरह टूट चुकी है और घाटों पर गाद जमा हो गई है। नमामि गंगे परियोजना के तहत 14 करोड़ रुपये की लागत से बना सीढ़ी घाट भी मिट्टी और गाद से ढका हुआ है। नगर परिषद ने अब तक बाँस की बैरिकेडिंग और चेंजिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं दी हैं, जिससे श्रद्धालुओं को खतरनाक परिस्थितियों में स्नान करना पड़ सकता है। पिछले साल इन घाटों को पाँच दिन पहले ही ठीक कर लिया गया था, लेकिन इस बार स्थिति गंभीर है।
प्रशासनिक व्यवस्था क्यों हुई चरमरा गई?
धाम में नगर परिषद की व्यवस्थाएं पूरी तरह फेल नजर आ रही हैं। यह गिरावट 28 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार और मुख्य पार्षद राजकुमार की हत्या के बाद आई है। हालांकि, इससे पहले मार्च 2026 में यहाँ कायाकल्प की तैयारी चल रही थी। पटना की टीम ने ग्लास ब्रिज और सौंदर्यीकरण का सर्वे पूरा किया था और 6.52 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक धर्मशाला बनाने की योजना भी थी, ताकि सावन मेले में कांवड़ियों को सुविधा मिल सके।
गंगा दशहरा 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां
गंगा दशहरा सोमवार, 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा नदी पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। दशमी तिथि 25 मई को सुबह 04:30 बजे शुरू होगी और 26 मई को सुबह 05:10 बजे समाप्त होगी। इस दिन पवित्र स्नान, पूजा और दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गंगा दशहरा 2026 कब है और इसका महत्व क्या है?
गंगा दशहरा सोमवार, 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है और इसे पवित्र स्नान व दान के लिए शुभ माना जाता है।
अजगैवीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?
घाटों पर बैरिकेडिंग टूटी हुई है और सीढ़ी घाट गाद से भरा है। नगर परिषद द्वारा चेंजिंग रूम और सुरक्षा घेरे की व्यवस्था न होने से स्नान के दौरान खतरा बढ़ सकता है।