France में दशकों की सबसे भीषण आग पर काबू, 42 हजार हेक्टेयर जमीन जली, 2.20 लाख लोग हुए थे बेघर

World : फ्रांस के बोर्डो (Bordeaux) इलाके में पिछले कई दशकों की सबसे भयानक जंगल की आग अब नियंत्रण में है। इस भीषण आग ने करीब 42,000 हेक्टेयर जमीन को अपनी चपेट में ले लिया, जिसकी वजह से करीब 2.20 लाख लोगों को अपने घर छोड़

World : फ्रांस के बोर्डो (Bordeaux) इलाके में पिछले कई दशकों की सबसे भयानक जंगल की आग अब नियंत्रण में है। इस भीषण आग ने करीब 42,000 हेक्टेयर जमीन को अपनी चपेट में ले लिया, जिसकी वजह से करीब 2.20 लाख लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा था। अधिकारियों ने बताया कि अब आग आगे नहीं बढ़ रही है, लेकिन कुछ जगहों पर अभी भी चिंगारियां सुलग रही हैं जिन्हें बुझाने का काम जारी है।

यह आग 23 जुलाई 2026 के आसपास शुरू हुई थी। फ्रांस के आंतरिक मंत्री Laurent Nunez ने 1 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि स्थिति अब कंट्रोल में है। इससे पहले 31 जुलाई को गिरोंडे (Gironde) की प्रीफेक्ट Sophie Brocas ने बताया था कि रात में तापमान गिरने और नमी बढ़ने की वजह से आग की रफ्तार कम हुई और इसे एक दायरे में सीमित कर लिया गया। राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इस घटना को अभूतपूर्व बताया और जंगलों के प्रबंधन के तरीकों को बदलने की बात कही।

आग को बुझाने के लिए फ्रांस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इसमें 2,700 से ज्यादा फायरफाइटर्स, 1,700 पुलिस और जेंडरमर्स के जवान और 1,500 सैन्यकर्मी शामिल थे। स्थानीय किसानों और वॉलंटियर्स ने भी इसमें बड़ी मदद की। फ्रांस ने यूरोपीय सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म के तहत स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भी मदद ली थी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान 126 फायरफाइटर्स घायल हुए।

इस आपदा का असर काफी गहरा रहा है। करीब 240 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए और इलाके की हवा इतनी खराब हो गई कि सांस लेना मुश्किल हो गया। पर्यावरण विभाग (Atmo Nouvelle-Aquitaine) ने हवा की क्वालिटी को बेहद खराब बताया। आर्थिक मोर्चे पर भी यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि बोर्डो का इलाका अपनी वाइन और पर्यटन के लिए मशहूर है। माना जा रहा है कि यह आग किसी ठेकेदार की मशीन से निकली चिंगारी की वजह से लगी थी, जो हाई-वोल्टेज लाइन के पास झाड़ियां साफ कर रहे थे।

राहत की बात यह है कि 31 जुलाई तक बोर्डो के आसपास के 12 जिलों में लोगों की वापसी की अनुमति दे दी गई, जिससे करीब 1.44 लाख लोग अपने घरों को लौट सके। इससे पहले 60,000 लोगों को उनके घरों में जाने की इजाजत दी गई थी। बीमा कंपनियों ने भी प्रभावित परिवारों के लिए क्लेम भरने की समय सीमा बढ़ा दी है ताकि उन्हें आर्थिक मदद मिल सके।