Delhi: पूर्व IRS अधिकारी Ashok Agarwal ने तीस हजारी कोर्ट में एक अपील दाखिल की है। उन्होंने CBI के जॉइंट डायरेक्टर Ramneesh और रिटायर्ड ACP VK Pandey की सजा को बढ़वाने की मांग की है। अशोक अग्रवाल का कहना है कि इन अधिकारि
Delhi: पूर्व IRS अधिकारी Ashok Agarwal ने तीस हजारी कोर्ट में एक अपील दाखिल की है। उन्होंने CBI के जॉइंट डायरेक्टर Ramneesh और रिटायर्ड ACP VK Pandey की सजा को बढ़वाने की मांग की है। अशोक अग्रवाल का कहना है कि इन अधिकारियों ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया, इसलिए इन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या सजा सुनाई
यह मामला 19 अक्टूबर 2000 का है, जब अशोक अग्रवाल के घर पर सुबह-सुबह छापा मारा गया था। कोर्ट ने पाया कि यह कार्रवाई गलत नीयत से की गई थी ताकि एक पुराने आदेश को नाकाम किया जा सके। छापे के दौरान घर का दरवाजा जबरन तोड़ा गया और अशोक अग्रवाल के हाथ में चोट भी आई। 28 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने दोनों दोषियों को तीन महीने की साधारण जेल और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
मुआवजे की राशि को 1 लाख से 1 करोड़ करने की मांग
पूर्व IRS अफसर Ashok Agarwal अब इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि दोषियों की जेल की अवधि बढ़ाई जाए। साथ ही, उन्होंने मुआवजे की रकम को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की मांग की है। उनके वकील Shubham Asri ने दलील दी कि सीनियर अधिकारियों द्वारा सत्ता का ऐसा दुरुपयोग गंभीर अपराध है और मौजूदा सजा बहुत कम है।
अधिकारियों की भूमिका और कोर्ट की टिप्पणी
सजा सुनाते समय मजिस्ट्रेट Shashank Nandan Bhatt ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपने पद का इस्तेमाल निजी दुश्मनी निकालने के लिए नहीं कर सकते। कोर्ट ने साफ किया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ ऊपर से मिले आदेशों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता, क्योंकि पब्लिक सर्वेंट को स्वतंत्र निर्णय लेना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अशोक अग्रवाल ने कोर्ट से क्या मांग की है?
पूर्व IRS अफसर अशोक अग्रवाल ने CBI जॉइंट डायरेक्टर और पूर्व ACP की सजा बढ़ाने और मुआवजे की राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की मांग की है।
कोर्ट ने दोषियों को पहले क्या सजा दी थी?
तीस हजारी कोर्ट ने दोनों दोषियों को तीन महीने की साधारण जेल और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया था।