Finance : भारत सरकार अब देश में परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में बड़े बदलाव कर रही है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने नई दिल्ली में अमेरिकी परमाणु उद्योग के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस
Finance : भारत सरकार अब देश में परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में बड़े बदलाव कर रही है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने नई दिल्ली में अमेरिकी परमाणु उद्योग के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद भारत में क्लीन एनर्जी को बढ़ाना और विदेशी निवेश को आकर्षित करना था ताकि बिजली उत्पादन के नए रास्ते खुल सकें।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में क्या हुए बड़े बदलाव?
सरकार ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब भारत में परमाणु बिजली परियोजनाओं में 49 प्रतिशत तक Foreign Direct Investment (FDI) की अनुमति दी गई है। इसके लिए SHANTI Act, 2025 लागू किया गया है, जिसने पुराने कानूनों की जगह ली है ताकि विदेशी कंपनियां बिना किसी बड़ी रुकावट के भारत में काम कर सकें।
भारत का लक्ष्य और बजट का प्रावधान
भारत ने साल 2047 तक अपनी परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता को 8.8 GW से बढ़ाकर 100 GW करने का लक्ष्य रखा है। इस विज़न को पूरा करने के लिए सरकार ने Small Modular Reactors (SMRs) के विकास के लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह कदम देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| FDI सीमा |
49 प्रतिशत तक |
| नया कानून |
SHANTI Act, 2025 |
| लक्ष्य (2047 तक) |
100 GW उत्पादन क्षमता |
| SMR बजट |
लगभग ₹20,000 करोड़ |
| प्रमुख भागीदार |
US Nuclear Industry, NEI, USISPF |
Frequently Asked Questions (FAQs)
SHANTI Act, 2025 क्या है?
यह एक नया कानून है जिसने 1962 के परमाणु ऊर्जा अधिनियम और 2010 के नागरिक दायित्व अधिनियम की जगह ली है। इसका उद्देश्य परमाणु क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश को बढ़ावा देना है।
भारत परमाणु ऊर्जा में कितना लक्ष्य लेकर चल रहा है?
भारत सरकार का लक्ष्य ‘विकसित भारत’ विज़न के तहत साल 2047 तक परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 100 GW तक ले जाना है।