Mumbai: मानसून की शुरुआत के साथ लौटे फ्लेमिंगो, कम संख्या और देरी ने बढ़ाई चिंता

Maharashtra: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) से फ्लेमिंगो पक्षियों ने अपनी सालाना विदाई शुरू कर दी है। जुलाई 2026 में मानसून के आने के साथ ही ये पक्षी अपने ठिकानों की ओर लौट रहे हैं, लेकिन इस बार का सीजन पर्यावरणविदों के ल

Maharashtra: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) से फ्लेमिंगो पक्षियों ने अपनी सालाना विदाई शुरू कर दी है। जुलाई 2026 में मानसून के आने के साथ ही ये पक्षी अपने ठिकानों की ओर लौट रहे हैं, लेकिन इस बार का सीजन पर्यावरणविदों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस साल पक्षियों के आने में देरी हुई और उनकी संख्या भी पहले के मुकाबले काफी कम रही।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लेमिंगो की घटती संख्या और उनके आने-जाने के समय में बदलाव एक खतरे की घंटी है। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन, वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) की खराब हालत, सीवेज और बढ़ते प्रदूषण का नतीजा है। NatConnect Foundation के बी.एन. कुमार ने बताया कि यह बदलाव सीधे तौर पर प्रकृति के बिगड़ते संतुलन को दिखाता है।

इस मामले में केंद्र सरकार भी सक्रिय हुई है। Union Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) ने महाराष्ट्र स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि नवी मुंबई के वेटलैंड्स में फ्लेमिंगो के आवासों की बिगड़ती स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया जाए। मंत्रालय ने Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017 का हवाला देते हुए इन इलाकों में कचरा फेंकने और पारिस्थितिक नुकसान को रोकने की बात कही है।

नवी मुंबई और ठाणे के कई महत्वपूर्ण इलाकों को आधिकारिक वेटलैंड का दर्जा नहीं देने के फैसले पर भी विवाद है। महाराष्ट्र के वन और मैंग्रोव विभाग ने ठाणे जिला वेटलैंड निगरानी समिति की उस रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है, जिसमें आठ जल निकायों को वेटलैंड मानने से इनकार किया गया था। विभाग अब इन साइटों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग कर रहा है।

प्रदूषण का असर भी साफ दिख रहा है। जून 2026 में हुई एक स्टडी में पाया गया कि DPS Flamingo Lake में आने वाला क्रीक का पानी काफी प्रदूषित है। सागर शक्ति के नंदकुमार पवार के मुताबिक, नवी मुंबई के वेटलैंड्स में लैंडफिलिंग और ब्लॉकेज की वजह से पानी रुक गया है और काई जम गई है, जिससे पक्षी वहां आने से कतराते हैं।

National Green Tribunal ने भी इस मुद्दे की जांच की है। एक जॉइंट इंस्पेक्शन कमेटी ने CIDCO को निर्देश दिया है कि DPS Flamingo Lake का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और डेवलपमेंट प्लान में जरूरी बदलाव किए जाएं ताकि झील को बचाया जा सके। वहीं, Save Flamingos and Mangroves Forum की रेखा संखला ने चेतावनी दी है कि अगर उनके दाने-पानी और आराम करने की जगहों को नहीं बचाया गया, तो भविष्य में नवी मुंबई में इन प्रवासी पक्षियों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।