India से Nepal पहुंची पहली सीधी मालगाड़ी, Biratnagar Customs Yard पहुंची ट्रेन; व्यापार में होगी बड़ी बढ़ोतरी
Bihar/World : भारत और नेपाल के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कोलकाता से चलने वाली पहली कमर्शियल मालगाड़ी 20 जुलाई को नेपाल के Biratnagar Customs Yard पहुंची। यह ट्रेन Jogbani लिंक के जरि
Bihar/World : भारत और नेपाल के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कोलकाता से चलने वाली पहली कमर्शियल मालगाड़ी 20 जुलाई को नेपाल के Biratnagar Customs Yard पहुंची। यह ट्रेन Jogbani लिंक के जरिए नेपाल पहुंची है, जिससे अब दोनों देशों के बीच सामान लाना और ले जाना पहले से आसान हो जाएगा।
इस नई व्यवस्था से क्रॉस-बॉर्डर लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा और सामान भेजने की लागत कम होगी। पहले तीसरे देशों से आने वाला सामान केवल Birgunj Integrated Check Post तक सीमित था और सिर्फ चार तरह की चीजें जैसे कोयला, सीमेंट, उर्वरक और क्लिंकर ही रेल से आ सकते थे। लेकिन अब नए नियमों के बाद कंटेनर और बल्क कार्गो दोनों को सीधे रेल से भेजा जा सकेगा।
इस ट्रेन में Swastik Oil Industries के लिए तीसरे देश से मंगवाए गए कैनोला अनाज के 40 बड़े कंटेनर थे। सुरक्षा के लिए इन कंटेनरों में Electronic Cargo Tracking System (ECTS) लगाया गया है।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ट्रेन का प्रस्थान (कोलकाता) | 17 जुलाई 2026 |
| ट्रेन का आगमन (Biratnagar) | 20 जुलाई 2026 |
| प्रमुख पोर्ट्स | Kolkata, Haldia, Visakhapatnam |
| लॉजिस्टिक्स लागत में कमी | लगभग 15-20% |
| प्रमुख रूट | Jogbani (भारत) – Biratnagar (नेपाल) |
| शामिल संस्थाएं | CONCOR, CBIC, Maersk Line |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीधी रेल सेवा से बंदरगाहों पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क और सड़क परिवहन के खर्च में कमी आएगी। इससे नेपाल के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। Morang Industry Association के अध्यक्ष नन्दू राठी ने कहा कि इससे पूर्वी नेपाल के व्यापारियों और आयातकों को बड़ी राहत मिलेगी और सामान पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा।
बता दें कि जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन नेपाल प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंडा’ ने संयुक्त रूप से Jogbani-Biratnagar ब्रॉड-गेज रेल लिंक का उद्घाटन किया था। इसी कड़ी में नवंबर 2025 में दोनों देशों ने ट्रांजिट संधि के प्रोटोकॉल में बदलाव के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।