Fatty Pancreas अब एक गंभीर बीमारी, डायबिटीज और कैंसर का बढ़ सकता है खतरा; एक्सपर्ट्स ने जारी की चेतावनी

World: दुनिया भर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने पहली बार ‘फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर’ (FPD) को एक अलग बीमारी के रूप में मान्यता दी है। अब तक यह साफ नहीं था कि पैंक्रियाज (अग्न्याशय) में ज्यादा चर्बी होना सिर्फ एक

World: दुनिया भर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने पहली बार ‘फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर’ (FPD) को एक अलग बीमारी के रूप में मान्यता दी है। अब तक यह साफ नहीं था कि पैंक्रियाज (अग्न्याशय) में ज्यादा चर्बी होना सिर्फ एक मामूली बात है या कोई बड़ी बीमारी, लेकिन अब इसे एक गंभीर मेडिकल कंडीशन माना गया है।

इस बीमारी की पहचान के लिए ‘मेलबर्न कंसेंसस’ नाम का एक आधिकारिक दस्तावेज तैयार किया गया है, जिसे 17 जुलाई 2026 को ‘नेचर रिव्यूज: गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी’ में छापा गया। इस महत्वपूर्ण रिसर्च में दिल्ली के मशहूर डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्रा ने भी अपनी एक्सपर्ट राय दी है। विशेषज्ञों ने बताया कि जब पैंक्रियाज में चर्बी इतनी बढ़ जाती है कि वह उसके ढांचे और काम करने के तरीके को नुकसान पहुँचाने लगे, तो उसे FPD कहा जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह बीमारी टाइप 2 डायबिटीज, पैंक्रियाटाइटिस और पैंक्रियाटिक कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है। एक स्टडी में यह बात सामने आई कि टाइप 2 डायबिटीज के करीब 54% मरीज फैटी पैंक्रियाज की समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति शरीर के वजन या मोटापे से अलग भी हो सकती है, इसलिए इसे दो हिस्सों में बांटा गया है। टाइप 1 FPD उन लोगों में होता है जिनका वजन सामान्य है, जबकि टाइप 2 FPD उन लोगों में देखा गया है जिनका शरीर भारी है।

डॉक्टरों ने इस बीमारी की जांच के लिए MRI आधारित ‘प्रोटॉन डेंसिटी फैट फ्रैक्शन’ को सबसे बेहतर तरीका बताया है। जिन लोगों में फैटी पैंक्रियाज पाया गया है, उन्हें समय-समय पर अपनी जांच करानी चाहिए ताकि डायबिटीज या कैंसर जैसी समस्याओं को समय रहते रोका जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिशा में अभी और रिसर्च की जरूरत है ताकि इलाज के तरीकों को और बेहतर बनाया जा सके।