Faridabad में बुलडोजर एक्शन के खिलाफ लोगों का हल्लाबोल, नेहरू कॉलोनी के निवासियों ने मांगा मुआवजा और पुनर्वास

Haryana/Faridabad: फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी और आसपास के इलाकों में हुए घर और धार्मिक स्थलों के ढहाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर जमा हु

Haryana/Faridabad: फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी और आसपास के इलाकों में हुए घर और धार्मिक स्थलों के ढहाने के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर जमा हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए और रहने के लिए दूसरी जगह दी जाए।

यह पूरा मामला RRTS कॉरिडोर और एक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट से जुड़ा है। नगर निगम फरीदाबाद (MCF) और जिला प्रशासन ने 29 और 30 मई 2026 को नेहरू कॉलोनी में कई घरों के साथ-साथ एक मंदिर और मस्जिद को भी गिरा दिया था। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी है और विकास कार्यों के लिए इसे खाली कराना जरूरी था। सुरक्षा के लिहाज से उस समय NIT फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि उन्हें घर खाली करने के लिए कोई लिखित नोटिस नहीं दिया गया था, सिर्फ मौखिक तौर पर धमकी दी गई। हैरानी की बात यह है कि जब 30 मई को तोड़फोड़ शुरू हो चुकी थी, उसके तीन दिन बाद 2 जून को नगर निगम ने औपचारिक नोटिस जारी किया। निवासियों का कहना है कि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और बिजली मीटर जैसे सभी सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं और वे दशकों से यहां रह रहे हैं।

इस आंदोलन को ‘नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति’ और CITU का समर्थन मिल रहा है। 15 जून से नगर निगम कमिश्नर के दफ्तर के बाहर धरना जारी है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी बिजली और पानी की सप्लाई भी काट दी है।

दूसरी तरफ, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर परमजीत चहल ने नोटिस न मिलने के दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यह जमीन सरकारी थी जिस पर अवैध कब्जा किया गया था। डिप्टी तहसीलदार विजय सिंह ने भी साफ किया कि शहर के नियोजित विकास के लिए सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना जरूरी था। प्रशासन ने कहा है कि पुनर्वास और मुआवजे की कार्रवाई लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट 2013 के तहत की जाएगी।