Faridabad में अधूरा रोड बना काल, गड्ढे में गिरने से शख्स की मौत; हरियाणा और UP प्रशासन में शुरू हुई ब्लेम गेम
Faridabad/Noida : हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर एक अधूरा सड़क हादसा एक परिवार के लिए मातम बन गया। फरीदाबाद के रहने वाले 45 साल के अतुल कुमार जोशी की मौत हो गई क्योंकि वह एक गहरे गड्ढे में गिर गए थे। सबसे दुखद बात
Faridabad/Noida : हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर एक अधूरा सड़क हादसा एक परिवार के लिए मातम बन गया। फरीदाबाद के रहने वाले 45 साल के अतुल कुमार जोशी की मौत हो गई क्योंकि वह एक गहरे गड्ढे में गिर गए थे। सबसे दुखद बात यह रही कि वह हादसे के बाद कई घंटों तक मदद का इंतजार करते रहे, लेकिन सुनसान इलाका होने की वजह से उन्हें समय पर मदद नहीं मिली और उनकी जान चली गई।
यह हादसा 14 जून 2026 की रात को हुआ। अतुल कुमार जोशी एक हॉस्पिटल मैनेजर थे और बताया जा रहा है कि वह GPS नेविगेशन का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसने उन्हें मंजहावली ब्रिज की ओर जाने वाली अधूरी यमुना रोड पर भेज दिया। 15 जून की सुबह करीब 7:30 बजे स्थानीय लोगों ने उनकी लाश बरामद की। पुलिस के मुताबिक, अतुल गिरने के बाद कुछ समय तक जीवित थे, लेकिन अंदरूनी चोटों और ब्लीडिंग की वजह से उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। मौके पर न तो कोई स्ट्रीट लाइट थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेड्स, जिससे किसी भी वाहन चालक को यह पता नहीं चल पाता कि पक्की सड़क अचानक खत्म हो गई है।
तिगाँव पुलिस स्टेशन के SHO रणबीर सिंह ने कहा कि हादसा यूपी के अधिकार क्षेत्र में हुआ है और उन्होंने यूपी पुलिस को बैरिकेड्स लगाने के लिए कहा है। वहीं, गौतम बुद्ध नगर PWD के अधिशासी अभियंता कंचन सिंह का कहना है कि वह जगह हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में आती है और यूपी PWD ने वहां अभी काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण में देरी की वजह से काम रुका है, जिसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
दूसरी तरफ, हरियाणा PWD के इंजीनियर राम प्रकाश और एसडीएम मयंक भारद्वाज का दावा है कि हरियाणा का हिस्सा सालों पहले पूरा हो चुका था और उन्होंने सड़क के अंत में रेत के ढेर लगा दिए थे ताकि लोग सावधान रहें। फरीदाबाद प्रशासन का कहना है कि यूपी की तरफ काम रुका होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। फिलहाल, मौके पर अभी भी गंदगी और गड्ढे मौजूद हैं, जिससे अन्य राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है।