Delhi: साकेत के सैदुलाजब इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद अब पीड़ितों को आर्थिक मदद दिलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। रविवार, 7 जून 2026 को Federation of All India Medical Association (FAIMA) के एक प्रतिनिधिमंड
Delhi: साकेत के सैदुलाजब इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद अब पीड़ितों को आर्थिक मदद दिलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। रविवार, 7 जून 2026 को Federation of All India Medical Association (FAIMA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस बैठक में हादसे का शिकार हुए लोगों के लिए ex-gratia सहायता राशि देने की मांग की गई।
FAIMA प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से क्या कहा
FAIMA के चीफ पेट्रन डॉ. रोहन कृष्णन, पेट्रन डॉ. संदीप डागर और FMG सेल के डॉ. जसवंत के साथ दिल्ली सरकारी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों को तुरंत सरकारी मदद देने का अनुरोध किया। इससे पहले FAIMA ने रेस्क्यू ऑपरेशन की धीमी रफ्तार पर भी सवाल उठाए थे।
हादसे की वजह और अब तक की कार्रवाई
यह हादसा 30 मई 2026 को हुआ था जिसमें 6 लोगों की जान गई, जिनमें 5 मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्र शामिल थे। जांच में पता चला कि बिल्डिंग में नियमों के खिलाफ अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच और आपराधिक केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक करमबीर सेजवल को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे पुलिस रिमांड पर लिया गया था।
MCD अधिकारियों पर गिरी गाज और कानूनी कार्रवाई
इस लापरवाही के चलते MCD के साउथ जोन बिल्डिंग डिपार्टमेंट के दो अधिकारियों, असिस्टेंट इंजीनियर सुदेश सिंह चौहान और जूनियर इंजीनियर अमर जैन को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धाराओं 105, 290 और 125(a) के तहत FIR दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि दिल्ली में ऐसी सभी अवैध इमारतों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साकेत बिल्डिंग हादसे में कुल कितने लोगों की जान गई?
इस हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्र और एक कैंटीन मालिक शामिल थे। इसके अलावा 8 लोग घायल हुए थे।
बिल्डिंग गिरने की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
बिल्डिंग में नियमों से ज्यादा मंजिलें बनाई गई थीं और बेसमेंट की क्षमता कम थी। साथ ही, हादसे से कुछ दिन पहले बेसमेंट में पानी की टंकी के लिए की गई खुदाई ने ढांचे को कमजोर कर दिया था।