Europe में भीषण गर्मी का कहर, एक हफ्ते में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
World : यूरोप में आई रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। 22 से 28 जून 2026 के बीच वहां इतनी ज्यादा गर्मी पड़ी कि 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इसमें सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर पड़ा है, जिससे स्वास्थ
World : यूरोप में आई रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी ने भारी तबाही मचाई है। 22 से 28 जून 2026 के बीच वहां इतनी ज्यादा गर्मी पड़ी कि 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इसमें सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर पड़ा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
यूरोपीय मॉर्टेलिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क EuroMOMO, WHO और ECDC के आंकड़ों के मुताबिक, 27 देशों में कुल 10,650 से 10,651 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। इनमें से 9,000 से ज्यादा मौतें 65 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की थीं। जानकारों का कहना है कि इस बढ़ोतरी की वजह केवल भीषण गर्मी ही है, क्योंकि उस दौरान कोविड-19 जैसा कोई और बड़ा खतरा नहीं था।
फ्रांस और बेल्जियम में मौतों का आंकड़ा बहुत ज्यादा रहा। वहीं जर्मनी में 2026 में अब तक गर्मी से करीब 5,120 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर जून के आखिरी हफ्ते में हुईं। इंग्लैंड और वेल्स में भी मई और जून की गर्मी से करीब 2,700 लोगों की जान गई। शोधकर्ताओं ने बताया कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से गर्मी और ज्यादा खतरनाक हो गई है, जिसके बिना ऐसी स्थिति आना लगभग नामुमकिन था।
WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडहानोम गेब्रेसस ने गर्मी को ‘साइलेंट किलर’ बताया है। उन्होंने कहा कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है और यहां के घर, स्कूल और दफ्तर इतनी ज्यादा गर्मी झेलने के लिए नहीं बने हैं। फिलहाल यूरोप के कई अस्पतालों में पोर्टेबल AC लगाकर मरीजों को बचाने की कोशिश की जा रही है।