Europe जाने वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें, Sweden और Spain समेत कई देशों में अब पासपोर्ट स्टैम्पिंग बंद, लगेगा बायोमेट्रिक
World : अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य Sweden, Finland, Spain या Croatia जैसे यूरोपीय देशों की यात्रा करने की योजना बना रहा है, तो अब आपको बॉर्डर पर ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। यूरोपीय संघ (EU) ने अपना नया एंट्री/
World : अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य Sweden, Finland, Spain या Croatia जैसे यूरोपीय देशों की यात्रा करने की योजना बना रहा है, तो अब आपको बॉर्डर पर ज्यादा समय बिताना पड़ सकता है। यूरोपीय संघ (EU) ने अपना नया एंट्री/एग्जिट सिस्टम (EES) पूरी तरह लागू कर दिया है, जिससे अब पासपोर्ट पर लगने वाली पारंपरिक मोहर की जगह डिजिटल बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन होगा।
यह नया सिस्टम 10 अप्रैल 2026 से पूरी तरह काम करना शुरू कर चुका है। इसके तहत अब उन सभी यात्रियों का डेटा डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड किया जाएगा जो यूरोपीय संघ के सदस्य नहीं हैं। अब यात्रियों को बॉर्डर पर अपनी उंगलियों के निशान (fingerprints) और चेहरे की फोटो देनी होगी। यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जो शॉर्ट स्टे यानी 180 दिनों के भीतर 90 दिनों तक के लिए इन देशों में जा रहे हैं।
इस सिस्टम से उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो दिल्ली, मुंबई या अन्य भारतीय शहरों से यूरोप की यात्रा करते हैं। एयरपोर्ट और एयरलाइन इंडस्ट्री ने चेतावनी दी है कि इस नई प्रक्रिया की वजह से यात्रियों को 5 घंटे तक की देरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई लोगों की फ्लाइट्स भी छूट गई हैं। एयरलाइंस ने इसे रोकने के लिए यूरोपीय आयोग को पत्र भी लिखा है।
इस नए नियम की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| नियम/शर्त | विवरण |
|---|---|
| बायोमेट्रिक डेटा | उंगलियों के निशान और चेहरे की फोटो अनिवार्य |
| छूट | 12 साल से कम उम्र के बच्चों को फिंगरप्रिंट नहीं देना होगा |
| दस्तावेज | बायोमेट्रिक पासपोर्ट होने पर काम जल्दी होगा |
| डेटा स्टोरेज | सामान्य तौर पर डेटा 3 साल तक रखा जाएगा |
| अनिवार्यता | बायोमेट्रिक डेटा न देने पर प्रवेश नहीं मिलेगा |
| लागत | यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है और बॉर्डर पर ही होगा |
यूरोपीय आयोग के कमिश्नर मैग्नस ब्रूनर ने कहा कि यह सिस्टम सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ देशों में इसे लागू करने में दिक्कतें आ रही हैं और आयोग उनकी मदद कर रहा है। अगर जरूरत पड़ी, तो सितंबर की शुरुआत तक बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।