Automobile: केंद्र सरकार दिल्ली-NCR और महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में 50 से 100 इथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने इसकी घोषणा की है। इस क
Automobile: केंद्र सरकार दिल्ली-NCR और महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में 50 से 100 इथेनॉल फ्यूल स्टेशन शुरू करने जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने इसकी घोषणा की है। इस कदम से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि देश के किसानों की आमदनी में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी।
इथेनॉल स्टेशन से किसानों और देश को क्या फायदा होगा?
मंत्री Hardeep Singh Puri के मुताबिक, अगर देश में बिकने वाले आधे नए टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर फ्लेक्स फ्यूल वाले होंगे, तो इथेनॉल की मांग 311.8 करोड़ लीटर बढ़ जाएगी। इससे किसानों को करीब 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। साल 2014-15 से अब तक इथेनॉल प्रोग्राम की वजह से किसानों ने 1.58 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। साथ ही, कच्चे तेल के आयात में कमी आने से देश के 1.84 लाख करोड़ रुपये बचे हैं।
कितने स्टेशन खुलेंगे और कौन सी गाड़ियां चलेंगी?
शुरुआत में दिल्ली-NCR और महाराष्ट्र के मुख्य शहरों में 100 स्टेशन खुलेंगे, जिन्हें 2026 के अंत तक बढ़ाकर 500 और दिसंबर 2027 तक 5,000 आउटलेट्स तक ले जाने का लक्ष्य है। इस मौके पर Maruti Suzuki ने अपनी WagonR Flex Fuel और Hero MotoCorp ने Splendor+ और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट लॉन्च किए हैं। इन गाड़ियों में E85 (85% इथेनॉल) का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
टैक्स और सरकारी नियमों में क्या बदलाव होंगे?
सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने फ्लेक्स-फ्यूल को बढ़ावा देने के लिए टैक्स कम करने की मांग की है। फिलहाल E20 फ्यूल पर 5% GST लगता है, लेकिन E20 से ज्यादा ब्लेंड वाले ईंधन पर 18% GST देना पड़ता है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman इस मुद्दे पर राज्य सरकारों के साथ चर्चा करेंगी ताकि आम लोगों के लिए यह ईंधन सस्ता हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां क्या होती हैं और इनमें क्या ईंधन डलेगा?
फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां वे होती हैं जो पेट्रोल और इथेनॉल के मिश्रण पर चल सकती हैं। सरकार ने E85 को मानक बनाया है, जिसमें 85% तक इथेनॉल हो सकता है।
इथेनॉल स्टेशनों का विस्तार कब तक होगा?
शुरुआत में 100 स्टेशन खुलेंगे, जिन्हें 2026 के अंत तक 500 और दिसंबर 2027 तक देशभर के बड़े शहरों में 5,000 आउटलेट्स तक ले जाने की योजना है।