Eta में लखनऊ अग्निकांड के बाद अलर्ट, CHC और मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी की जांच
Eta: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड और उसमें हुई जनहानि के बाद अब एटा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिले के अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक
Eta: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड और उसमें हुई जनहानि के बाद अब एटा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिले के अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट का काम शुरू कर दिया गया है। इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान न हो।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ की घटना को एक बड़ा सबक बताया और पूरे प्रदेश में मिशन मोड पर फायर सेफ्टी ऑडिट चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत एटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी कड़ी में एटा मेडिकल कॉलेज और उसके शैक्षणिक परिसर में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया और मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस दौरान कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी गई ताकि वे आग लगने की स्थिति में सही तरीके से निपट सकें। हालांकि, जिले की स्थिति चिंताजनक है क्योंकि यहां 130 से ज्यादा निजी अस्पताल बिना फायर NOC के चल रहे हैं। साथ ही, जिले के 75 पंजीकृत कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में से किसी के पास भी फायर NOC नहीं मिली है।
सरकार ने अब नियमों को और सख्त कर दिया है। 26 जून 2026 से सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास कराने के लिए अग्नि सुरक्षा का नोटरीकृत शपथ पत्र देना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, बेसमेंट में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब सभी भवनों का फायर ऑडिट किया जाएगा ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।