Middle East में नौकरी के लिए जा रहे हैं तो सीख लें ये जरूरी अरबी शब्द, शॉपिंग और बातचीत होगी आसान

World : अगर आप दुबई या यूएई जैसे मिडिल ईस्ट के देशों में नौकरी या बिजनेस के लिए जा रहे हैं, तो वहां की स्थानीय भाषा अरबी के कुछ बुनियादी शब्दों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। हालांकि इन देशों में अंग्रेजी काफी बोली जाती है

World : अगर आप दुबई या यूएई जैसे मिडिल ईस्ट के देशों में नौकरी या बिजनेस के लिए जा रहे हैं, तो वहां की स्थानीय भाषा अरबी के कुछ बुनियादी शब्दों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। हालांकि इन देशों में अंग्रेजी काफी बोली जाती है, लेकिन स्थानीय भाषा के शब्दों के इस्तेमाल से वहां के लोगों के साथ संबंध बेहतर होते हैं और रोजमर्रा के काम आसान हो जाते हैं।

विशेषज्ञों और गाइड के मुताबिक, खरीदारी करने या रास्ते पूछने के लिए कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे अगर आपको किसी चीज की कीमत पूछनी है तो ‘कम’ (Kam) शब्द का इस्तेमाल करें। वहीं अगर कोई चीज महंगी है तो उसे ‘घाली’ (Ghali) और सस्ती है तो ‘रखीस’ (Rakhees) कहा जाता है। अगर आपको कुछ खरीदना है तो ‘अबी हदा’ (Abi hadha) बोलकर अपनी पसंद बता सकते हैं।

बातचीत की शुरुआत करने के लिए ‘मरहबा’ (Marhaba) और ‘अहलन व सहलन’ (Ahlan wa sahlan) जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है। औपचारिक बातचीत में ‘अस्-सलामु अलैकुम’ (As-salamu alaykum) सबसे ज्यादा प्रचलित है। इसके अलावा धन्यवाद कहने के लिए ‘शुक्रन’ (Shukran) और कृपया के लिए ‘मिन फदलिक’ (Min fadlik) का इस्तेमाल होता है।

कुछ ऐसे शब्द भी हैं जो वहां की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं। जैसे ‘इन्शाल्लाह’ (Inshallah) का मतलब है ईश्वर की इच्छा, और ‘यल्ला’ (Yallah) का इस्तेमाल जल्दी करने या चलने के लिए किया जाता है। ‘खलास’ (Khalas) का मतलब होता है काम पूरा होना या बस अब रुक जाना।

रास्ते की जानकारी के लिए ‘यसार’ (Yasar) का मतलब बायां, ‘यमीन’ (Yamin) का मतलब दायां और ‘सीदा’ (Sida) का मतलब सीधा रास्ता होता है। अगर आपको सामने वाले की बात समझ नहीं आ रही है, तो आप ‘ला अफहम’ (La afham) कहकर बता सकते हैं कि आप नहीं समझ रहे हैं।