EROS Universe ने शुरू किया AI क्रिएटर ऑडिशन, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में मिलेगा मौका
Maharashtra: EROS Universe ने भारत के सबसे बड़े AI क्रिएटर ऑडिशन की शुरुआत की है। यह पहल मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य मकसद ऐसे राइटर्स और डायरेक्टर्स को ढूंढना ह
Maharashtra: EROS Universe ने भारत के सबसे बड़े AI क्रिएटर ऑडिशन की शुरुआत की है। यह पहल मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य मकसद ऐसे राइटर्स और डायरेक्टर्स को ढूंढना है जो AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नई तरह की कहानियां लिख और बना सकें।
इस ऑडिशन की शुरुआत 7 अगस्त 2026 को मुंबई से हुई। इसके बाद यह इवेंट हैदराबाद में 16 अगस्त, बेंगलुरु में 6 सितंबर और चेन्नई में 12 सितंबर को होगा। जो लोग इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वे 99 रुपये की फीस देकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
प्रतियोगिता के नियमों के मुताबिक, प्रतिभागियों को 6 घंटे के अंदर 90 से 120 सेकंड की एक AI फिल्म बनानी होगी। फिल्म की कहानी और विषय प्रतियोगिता शुरू होने पर ही बताया जाएगा। इसमें पूरी तरह से AI द्वारा बनाए गए विजुअल्स और ऑडियो का इस्तेमाल करना होगा। किसी भी असली इंसान या कॉपीराइट सामग्री का उपयोग मना है। यह मुकाबला सिर्फ अकेले व्यक्तियों के लिए है, इसमें टीम बनाकर नहीं आया जा सकता।
| शहर | तारीख |
|---|---|
| मुंबई | 7 अगस्त 2026 |
| हैदराबाद | 16 अगस्त 2026 |
| बेंगलुरु | 6 सितंबर 2026 |
| चेन्नई | 12 सितंबर 2026 |
EROS Universe इस पहल के जरिए 15 AI राइटर्स और 20-25 AI डायरेक्टर्स को नौकरी पर रखेगा। इसके अलावा बेहतरीन काम करने वालों को प्रोजेक्ट आधारित काम और कॉन्ट्रैक्ट के मौके भी मिलेंगे। प्रतिभागियों को अपना लैपटॉप, चार्जर और सरकारी पहचान पत्र लाना होगा, जबकि हाई-स्पीड वाई-फाई और बिजली की सुविधा आयोजन स्थल पर दी जाएगी।
Eros Innovation की को-फाउंडर रिधिमा लुल्ला ने कहा कि मनोरंजन का भविष्य AI आधारित होगा और वे ऐसे टैलेंट को तैयार कर रहे हैं जो नई तकनीक से कहानियां बना सकें। उन्होंने ‘अब हर इंडियन बनेगा स्टार’ का नारा भी दिया। मार्केटिंग हेड पीयूष भाटिया ने बताया कि कंपनी ने अपना खुद का ‘लार्ज कल्चरल मॉडल’ (LCM) बनाया है, जो भारतीय संस्कृति और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझता है और विदेशी मॉडल्स के मुकाबले 50-60% सस्ता है।
इस पूरे प्रोजेक्ट को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और इंडिया AI मिशन का समर्थन मिला है। आईआईटी मद्रास भी इस तकनीकी ढांचे में रिसर्च पार्टनर के तौर पर जुड़ा है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय कहानियों की सांस्कृतिक वैल्यू को बचाते हुए डिजिटल मार्केट में नए अवसर पैदा करना है।