Mumbai के सिद्धिविनायक मंदिर के दान में लूट का आरोप, Eknath Shinde के बयान पर मचा राजनीतिक बवाल
Maharashtra: मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक मंदिर के दान को लेकर राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने विधान परिषद में आरोप लगाया कि पिछली MVA सरकार के दौरान मंदिर के दान के पैसों में गड़बड़ी
Maharashtra: मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक मंदिर के दान को लेकर राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने विधान परिषद में आरोप लगाया कि पिछली MVA सरकार के दौरान मंदिर के दान के पैसों में गड़बड़ी हुई और दान पेटी की ‘लूट’ हुई। यह मामला तब सामने आया जब शिंदे राम मंदिर दान चोरी के मामले में विपक्ष की आलोचना का जवाब दे रहे थे।
Eknath Shinde ने सदन में कुछ दस्तावेजी सबूत दिखाते हुए सवाल किया कि जब सिद्धिविनायक मंदिर में इतनी बड़ी गड़बड़ी हो रही थी, तब किसी ने जांच के आदेश क्यों नहीं दिए। उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर के मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, वे उस समय चुप थे जब सिद्धिविनायक मंदिर के दान के साथ छेड़छाड़ हुई।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धिविनायक ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन Aadesh Bandekar ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनका कार्यकाल तीन साल पहले ही खत्म हो चुका है। बंडेकर ने तर्क दिया कि मंदिर के कार्यकारी और वित्त अधिकारी राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, इसलिए जिम्मेदारी सरकार की है।
Aadesh Bandekar ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी साबित होती है, तो उन्हें मंदिर के सामने फांसी दे दी जाए। उन्होंने मांग की कि अगर कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए और उसकी निष्पक्ष जांच हो, ताकि झूठे आरोपों से बचा जा सके।
बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर के पूरे वित्त और फंड के बंटवारे का नियंत्रण राज्य सरकार के पास होता है। इससे पहले जनवरी 2023 में ट्रस्ट ने यह फैसला लिया था कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि के केस दर्ज किए जाएंगे।