Gaza में अस्पतालों पर हमले से दुनिया नाराज, 8 देशों ने इजरायल की कार्रवाई को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

World : गाजा पट्टी में स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों पर हो रहे हमलों को लेकर दुनिया भर में गुस्सा है। 6 अगस्त 2026 को आठ देशों ने एक साथ मिलकर इजरायल की इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। इन देशों ने कहा कि अस्पतालों पर

World : गाजा पट्टी में स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों पर हो रहे हमलों को लेकर दुनिया भर में गुस्सा है। 6 अगस्त 2026 को आठ देशों ने एक साथ मिलकर इजरायल की इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। इन देशों ने कहा कि अस्पतालों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है और इससे आम लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

इस संयुक्त बयान में UAE, कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने मांग की कि मेडिकल सेंटरों पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। इन देशों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा करना और अस्पतालों व स्वास्थ्य कर्मियों को बचाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत एक कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इजरायल को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करे।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब 1 अगस्त 2026 को एक हवाई हमले में अस्पताल के पास स्थित मेडिकल सप्लाई के दो बड़े गोदाम तबाह हो गए। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम गेब्रेयसस ने भी इन हमलों को रोकने की अपील की थी। उन्होंने साफ कहा कि अस्पतालों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए और न ही उन पर हमला होना चाहिए। इससे पहले अगस्त के पहले हफ्ते में कतर, मिस्र और तुर्की जैसे मध्यस्थ देशों ने भी चेतावनी दी थी कि इस तरह की हिंसा से शांति की कोशिशें नाकाम हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों की वजह से ‘ट्रम्प रोडमैप’ या गाजा व्यापक योजना का दूसरा चरण खतरे में पड़ गया है। यह योजना 29 सितंबर 2025 को शुरू हुई थी, जिसका मकसद गाजा में शांति बहाल करना और वहां पुनर्निर्माण करना था। दूसरे चरण में गाजा के प्रशासन के लिए एक राष्ट्रीय समिति बनाने और इजरायली सेना की वापसी की बात कही गई थी, लेकिन अस्पतालों पर हमलों और हथियारों को लेकर चल रहे विवाद के कारण यह प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।