Finance : आम आदमी की रसोई और जेब से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। सरकार ने खाने के तेल के पैकेट के साइज को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं, ताकि ग्राहकों को सही मात्रा और दाम मिल सके। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली में E85 फ्ले
Finance : आम आदमी की रसोई और जेब से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। सरकार ने खाने के तेल के पैकेट के साइज को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं, ताकि ग्राहकों को सही मात्रा और दाम मिल सके। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली में E85 फ्लेक्स फ्यूल पेट्रोल लॉन्च किया गया है, जो आम पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता है।
खाने के तेल के पैकेट अब किन साइज में मिलेंगे?
डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। यह नियम 5 जून 2026 से लागू हो गया है। कंपनियों को पुराना स्टॉक खत्म करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है, जिसके बाद 5 सितंबर 2026 से यह पूरी तरह लागू होगा। अब तेल केवल इन 9 साइज में ही मिलेगा:
| मात्रा (ग्राम/मिलीलीटर) |
मात्रा (किलोग्राम/लीटर) |
| 200g / 200ml |
– |
| 500g / 500ml |
– |
| 1kg / 1 liter |
– |
| 2kg / 2 liters |
– |
| 3kg / 3 liters |
– |
| 4kg / 4 liters |
– |
| 5kg / 5 liters |
– |
| 15kg / 15 liters |
– |
| 20kg / 20 liters |
– |
200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से छोटे पैकेट और छोटे स्तर के तेलों को इस नियम से बाहर रखा गया है।
Delhi में क्या है E85 पेट्रोल और इसकी कीमत?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के एक IndianOil आउटलेट पर E85 फ्लेक्स फ्यूल लॉन्च किया। यह पेट्रोल खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों (FFVs) के लिए है। दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर रखी गई है, जो साधारण E20 पेट्रोल से लगभग 20 रुपये सस्ता है। इसमें 80-85 प्रतिशत इथेनॉल और 14-19 प्रतिशत पेट्रोल मिला होता है।
सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इसे 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक 5,000 आउटलेट्स तक पहुँचाना है। ध्यान रहे कि इस ईंधन का इस्तेमाल केवल फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों में ही करना है, सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में नहीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या मैं अपनी सामान्य कार में E85 पेट्रोल डलवा सकता हूँ?
नहीं, मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार E85 केवल फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों (FFVs) के लिए है। इसे सामान्य पेट्रोल या E20 गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
खाने के तेल के नए पैकेट नियम का ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
स्टैंडर्ड पैक साइज होने से बाजार में कीमतों में पारदर्शिता आएगी और ग्राहकों को अलग-अलग साइज के पैकेटों के कारण होने वाली उलझन से राहत मिलेगी।