Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित ‘godman’ अशोक खराट की कस्टडी मांगी है। अशोक खराट पर कई महिलाओं के साथ बलात्कार, धोखाधड़ी और धर्म के नाम पर लोगों को ठगने के गंभीर
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित ‘godman’ अशोक खराट की कस्टडी मांगी है। अशोक खराट पर कई महिलाओं के साथ बलात्कार, धोखाधड़ी और धर्म के नाम पर लोगों को ठगने के गंभीर आरोप हैं। ED का दावा है कि खराट ने अपने भक्तों से करोड़ों रुपये वसूले और उन्हें सफेद करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए।
अशोक खराट ने कैसे की 70 करोड़ की हेराफेरी?
ED की जांच में सामने आया कि अशोक खराट ने अलग-अलग लोगों के नाम पर करीब 60 बैंक खाते खुलवाए थे। हैरानी की बात यह है कि इन सभी खातों में मोबाइल नंबर उसका अपना था और वह खुद ही एकमात्र नॉमिनी था। इनमें से 43 खाते तो साल 2021 में एक ही दिन ‘समता नगरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी’ में खोले गए थे। इन खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ, जिसमें 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की कैश जमा राशि शामिल है।
कौन-कौन से आरोप हैं और कौन है जांच के घेरे में?
अशोक खराट के खिलाफ नासिक पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं, जिनमें जबरन वसूली, नशीली दवाओं के जरिए महिलाओं का शोषण और धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं। खराट को सबसे पहले 18 मार्च 2026 को एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में ED ने अब कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है:
- प्रतिभा चकनकर और तन्मय चकनकर को अगले हफ्ते पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
- श्री जगदंबा माता ग्रामीण बिगर शेती सहकारी पटसंस्था के चेयरमैन नामकरण यशवंत aware से भी पूछताछ की गई है।
ED को कस्टडी की जरूरत क्यों है?
ED का कहना है कि अशोक खराट की गिरफ्तारी और कस्टडी बहुत जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अपराध से कमाए गए पैसों का असली फायदा किसे मिला। एजेंसी उन अन्य लोगों की पहचान करना चाहती है जो इस पूरे घोटाले में खराट के साथ मिले हुए थे। अप्रैल 2026 में ED ने खराट से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी भी की थी, जहां से रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं, जिनकी अब जांच की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अशोक खराट पर मुख्य आरोप क्या हैं?
अशोक खराट पर नासिक पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR हैं, जिनमें बलात्कार, जबरन वसूली, धार्मिक हेरफेर के जरिए धोखाधड़ी और नशीली दवाओं के जरिए महिलाओं का शोषण शामिल है।
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में क्या सबूत पाए हैं?
ED ने पाया कि खराट ने 60 बैंक खाते खुलवाए थे जिनमें 70 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। इनमें से 43 खाते एक ही दिन एक कोऑपरेटिव सोसाइटी में खोले गए थे।