Mundra Port ड्रग्स केस: दिल्ली के नाइट क्लब मालिकों के ठिकानों पर ED का छापा, 21 हजार करोड़ के मामले की जांच
Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स जब्ती मामले में बुधवार, 24 जून 2026 को दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में दिल्ली के मशहूर बिजनेसमैन कबीर तलवार और उनके कर
Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स जब्ती मामले में बुधवार, 24 जून 2026 को दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में दिल्ली के मशहूर बिजनेसमैन कबीर तलवार और उनके करीबियों से जुड़े पांच ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरा मामला साल 2021 में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पकड़ी गई 21,000 करोड़ रुपये की हेरोइन से जुड़ा हुआ है।
जांच अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि ड्रग्स की तस्करी से कमाए गए पैसे को दिल्ली के नाइटलाइफ बिजनेस और नाइट क्लबों में निवेश किया गया है। इसी आधार पर ED ने कबीर तलवार और शमसुद्दीन जैसे लोगों के परिसरों की तलाशी ली। जांचकर्ता अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या नशीले पदार्थों के काले धन को वैध व्यवसायों के जरिए सफेद किया गया था।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि NIA ने पहले कबीर तलवार और प्रिंस शर्मा को गिरफ्तार किया था। NIA की चार्जशीट में यह आरोप लगाया गया था कि इस ड्रग नेटवर्क से होने वाली कमाई का इस्तेमाल पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की मदद के लिए किया गया था। कबीर तलवार को हाल ही में गुजरात हाई कोर्ट से जमानत मिली है।
पूरा मामला सितंबर 2021 में तब शुरू हुआ था जब DRI ने मुंद्रा पोर्ट पर 2,988.21 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। इस खेप को कोयले और तालक पत्थर के आयात की आड़ में तस्करी कर लाया गया था। वर्तमान में ED इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कर रही है ताकि इस पूरे वित्तीय जाल को खोला जा सके।