Passport बनवाना हुआ और भी आसान, EAM Jaishankar ने बताया कैसे Version 2.0 से बदलेगी आम आदमी की जिंदगी
Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने देश के पासपोर्ट सिस्टम में हुए बड़े बदलावों पर बात की है। उन्होंने कहा कि Passport Seva Programme Version 2.0 ने ‘विकसित भारत’ के लिए ग्लोबल मोबिलिटी को एक नई पहचान दी है। उनक
Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने देश के पासपोर्ट सिस्टम में हुए बड़े बदलावों पर बात की है। उन्होंने कहा कि Passport Seva Programme Version 2.0 ने ‘विकसित भारत’ के लिए ग्लोबल मोबिलिटी को एक नई पहचान दी है। उनके मुताबिक पासपोर्ट अब सिर्फ पन्नों की एक किताब नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक तरक्की और हमारी राष्ट्रीय पहचान का एक जरूरी जरिया बन गया है।
यह जानकारी उन्होंने दिल्ली में आयोजित Annual Regional Passport Officers’ Conference के दौरान दी। सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘EASE’ मॉडल अपनाया है। इसमें डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए सेवाओं को बढ़ाना, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल करना, चिप वाले ई-पासपोर्ट से यात्रा को आसान बनाना और डेटा की सुरक्षा को मजबूत करना शामिल है।
आम लोगों के लिए अब पासपोर्ट बनवाना पहले से कहीं ज्यादा सरल हो गया है। नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप में ऑटो-फिल फॉर्म और आसान डॉक्यूमेंट अपलोड की सुविधा दी गई है। साथ ही अब UPI और QR कोड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट किया जा सकता है। पासपोर्ट की प्रोसेसिंग के लिए अब देश में 533 केंद्र और 37 रीजनल ऑफिस काम कर रहे हैं, जबकि विदेशों में 187 भारतीय मिशनों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है।
पासपोर्ट जारी करने के आंकड़ों में भी बड़ी बढ़त देखी गई है। साल 2014 में जहां 91 लाख पासपोर्ट जारी हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1.46 करोड़ तक पहुंच गई। अब सभी नए पासपोर्ट ई-पासपोर्ट के रूप में जारी किए जा रहे हैं, जिनमें RFID चिप लगी होती है। हालांकि, पुराने बिना चिप वाले पासपोर्ट अपनी एक्सपायरी डेट तक मान्य रहेंगे।