World : नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है। इसी के बीच भारत के विदेश मंत्री S Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को अलग से मुलाकात की। इस बात
World : नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है। इसी के बीच भारत के विदेश मंत्री S Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को अलग से मुलाकात की। इस बातचीत में दुनिया के मौजूदा हालात और दोनों देशों के आपसी रिश्तों पर चर्चा हुई।
मुलाकात में किन मुख्य मुद्दों पर हुई बात?
दोनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे विवाद पर चर्चा की। S Jaishankar ने वैश्विक संघर्षों और व्यापार में आने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए व्यावहारिक तरीके खोजने की बात कही। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ का समर्थन किया और लाल सागर व होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर जोर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री Araghchi ने साफ किया कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ विवाद सैन्य तरीके से हल नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरानी लोग दबाव या धमकियों के आगे नहीं झुकते, बल्कि सम्मान का जवाब देते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए BRICS देशों के सहयोग की वकालत की।
BRICS मीटिंग और भारत की भूमिका
भारत 1 जनवरी 2026 से BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस बैठक में रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र आर्थिक सहयोग, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और बदलते वैश्विक समीकरण रहे। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस मंत्रिस्तरीय बैठक से एक सकारात्मक परिणाम दस्तावेज़ निकलकर आएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों की मुलाकात कब और कहां हुई?
यह मुलाकात 15 मई 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई।
बैठक में किन मुख्य सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा, और अमेरिका-ईरान विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।