Delhi: द्वारका के निवासियों को पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई में सुधार देखने को मिला है। कई हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में अब टैंकरों पर निर्भरता कम हुई है, हालांकि पानी की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दिल्ली जल बो
Delhi: द्वारका के निवासियों को पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई में सुधार देखने को मिला है। कई हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में अब टैंकरों पर निर्भरता कम हुई है, हालांकि पानी की समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) अब नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) के शुरू होने की उम्मीद कर रहा है ताकि इलाके की इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
द्वारका में पानी की स्थिति अब कैसी है?
द्वारका के सेक्टर 10 के कुछ हिस्सों में गेट वॉल्व की मरम्मत के बाद सप्लाई बेहतर हुई है। पहले कई CGHS सोसायटियों में पानी की भारी कमी थी क्योंकि वे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के आखिरी छोर (tail end) पर स्थित हैं। 9 मई 2026 को DJB ने बताया था कि लूप लाइनों पर काम करने के बावजूद सात सोसायटियों में सप्लाई कम थी और उन्हें रोजाना टैंकरों के सहारे रहना पड़ रहा था।
नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) कब शुरू होगा?
DJB के मुताबिक, द्वारका में 50 MGD क्षमता का नया प्लांट तैयार है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह जुलाई तक चालू हो सकता है, लेकिन यह NGT पैनल की मंजूरी पर टिका है। हरियाणा सरकार द्वारा ग्राउंडवाटर निकालने पर जताई गई आपत्तियों के कारण मंजूरी में देरी हुई है। पहले इसे दिसंबर 2025 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें शुरुआती तौर पर 25 MGD क्षमता से काम शुरू होना था।
पानी की कमी दूर करने के लिए क्या प्लान है?
जल मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि पानी के नुकसान और लीकेज को कम करना जरूरी है। DJB ने एक रॉ वाटर रिडिस्ट्रीब्यूशन प्लान बनाया है, जिसमें ओखला, वजीराबाद, निलोथी और द्वारका के ट्यूब-वेल क्लस्टर्स से पानी का पुनर्वितरण किया जाएगा। इसके अलावा, हाइडरपुर-मुनाक नहर से करीब 30 MGD कच्चा पानी नए प्लांट की ओर मोड़ा जाएगा ताकि भविष्य में दिल्ली की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
द्वारका के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता कितनी है और यह कब तक शुरू होगा?
इस प्लांट की कुल क्षमता 50 MGD है। अधिकारियों के अनुसार, यह जुलाई तक चालू हो सकता है, लेकिन यह NGT पैनल से ग्राउंडवाटर निकालने की मंजूरी मिलने पर निर्भर करता है।
द्वारका की कुछ सोसायटियों में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या था?
DJB के अनुसार, कई CGHS सोसायटियां CT-2 मधु विहार के कमांड में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के आखिरी छोर (tail end) पर स्थित हैं, जिस वजह से वहां पानी का फ्लो कम रहता था।