Delhi: द्वारका के करीब 8 सेक्टरों में इन दिनों पानी की भारी कमी चल रही है। हालत यह है कि लोगों के नलों में पानी आना लगभग बंद हो गया है, जिसकी वजह से हाउसिंग सोसायटियों को महंगे प्राइवेट टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कई सोसा
Delhi: द्वारका के करीब 8 सेक्टरों में इन दिनों पानी की भारी कमी चल रही है। हालत यह है कि लोगों के नलों में पानी आना लगभग बंद हो गया है, जिसकी वजह से हाउसिंग सोसायटियों को महंगे प्राइवेट टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कई सोसायटियों को पानी के इंतजाम के लिए महीने में एक लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
किन इलाकों में है सबसे ज्यादा समस्या और क्या है वजह
द्वारका के सेक्टर 11 की रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट्स और व्यास कुंज अपार्टमेंट्स जैसी सोसायटियों में मार्च 2026 से ही पानी की किल्लत शुरू हो गई थी। मदु विहार के कमांड टैंक 2 के तहत आने वाली सात CGHS सोसायटियां पिछले 30 दिनों से पानी की कमी झेल रही हैं। Delhi Jal Board (DJB) के मुताबिक, ये सोसायटियां पाइपलाइन नेटवर्क के आखिरी छोर पर हैं, जिससे पीक डिमांड के समय यहां पानी का प्रेशर कम हो जाता है।
सरकारी इंतजाम और मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 मई 2026 को गर्मियों के लिए वाटर मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा की। उन्होंने द्वारका में दूसरे 50 MGD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने पानी की कमी को दूर करने के लिए 1,200 से ज्यादा टैंकर तैनात किए हैं और 100 टैंकर स्टैंडबाय पर रखे हैं। इसके अलावा, शिकायतों के लिए 1916 और 1800117118 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और शहर में 28 इमरजेंसी सेंटर बनाए गए हैं।
प्राइवेट और सरकारी टैंकरों के दाम में बड़ा अंतर
DJB के टैंकर समय पर न मिलने के कारण लोग प्राइवेट सप्लायरों पर निर्भर हैं। सरकारी और प्राइवेट टैंकरों की कीमतों में काफी फर्क है, जिससे लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है।
| टैंकर का प्रकार |
अनुमानित कीमत |
| DJB टैंकर |
करीब 700 रुपये |
| प्राइवेट टैंकर |
करीब 2,500 रुपये |
Frequently Asked Questions (FAQs)
द्वारका में पानी की समस्या के लिए सरकार ने क्या हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं?
दिल्ली सरकार ने पानी से जुड़ी शिकायतों के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1916 और 1800117118 जारी किए हैं।
द्वारका के किन इलाकों में पानी की सबसे ज्यादा किल्लत है?
द्वारका के 8 सेक्टरों में समस्या है, खासकर सेक्टर 11 की सोसायटियों और मदु विहार कमांड टैंक 2 के तहत आने वाली सात CGHS सोसायटियों में स्थिति गंभीर है।