Mumbai की दुर्गाबाई कामत बनीं भारत की पहली महिला एक्टर, घरेलू हिंसा से लड़कर सिनेमा तक पहुँचा सफर

Maharashtra: मुंबई की रहने वाली दुर्गाबाई कामत भारत की पहली महिला फिल्म कलाकार थीं। उन्होंने उस दौर में पर्दे पर कदम रखा जब महिलाओं का एक्टिंग करना समाज में गलत माना जाता था। उनके इस साहस ने भारतीय सिनेमा की दिशा बदल दी

Maharashtra: मुंबई की रहने वाली दुर्गाबाई कामत भारत की पहली महिला फिल्म कलाकार थीं। उन्होंने उस दौर में पर्दे पर कदम रखा जब महिलाओं का एक्टिंग करना समाज में गलत माना जाता था। उनके इस साहस ने भारतीय सिनेमा की दिशा बदल दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ते खोले।

दुर्गाबाई का शुरुआती जीवन काफी मुश्किल था। 1903 में उनका विवाह आनंद नानोस्कर से हुआ था, जो एक इतिहास के शिक्षक थे। लेकिन यह शादी उनके लिए दुखदायी रही। उनकी बेटी कमलाबाई गोखले ने एक डॉक्यूमेंट्री में बताया कि उनके पिता एक अच्छे इंसान नहीं थे और वे दुर्गाबाई के साथ मारपीट करते थे। इस घरेलू हिंसा और शोषण से बचने के लिए दुर्गाबाई ने तलाक लिया और मुंबई में अपने गुजारे के लिए थिएटर में काम करना शुरू किया। उन्होंने शेक्सपियर के नाटकों और गद्य प्रदर्शनों में अपनी पहचान बनाई।

उनकी इसी कला ने भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के का ध्यान खींचा। फाल्के साहब उस समय ऐसी महिलाओं की तलाश में थे जो समाज की पुरानी सोच को तोड़कर फिल्मों में काम कर सकें। उन्होंने दुर्गाबाई कामत को अपनी फिल्म ‘मोहिनी भास्मासुर’ में पार्वती की भूमिका के लिए चुना। इसी फिल्म में उनकी बेटी कमलाबाई ने मोहिनी का किरदार निभाया और वह भारत की पहली महिला बाल कलाकार बनीं।

सिनेमा में आने से पहले दुर्गाबाई और कमलाबाई रघुनाथराव गोखले की चित्तकारषक नाटक कंपनी के साथ जुड़ी थीं। दुर्गाबाई का यह सफर केवल एक्टिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक महिला की अपनी गरिमा और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई थी। उनके परिवार की यह कलात्मक विरासत आगे भी चली, जिसमें उनके पोते चंद्रकांत गोखले और परपोते विक्रम गोखले जैसे कलाकारों ने मराठी फिल्म और टीवी जगत में बड़ा नाम कमाया।

हाल ही में अगस्त 2026 के दौरान कई मीडिया रिपोर्ट्स और पुराने फोटो स्टूडियो के आर्काइव से निकले वीडियो के कारण दुर्गाबाई की कहानी एक बार फिर चर्चा में आई है। लोग उनके संघर्ष और साहस को याद कर रहे हैं जिसने भारतीय सिनेमा में महिलाओं की मौजूदगी को मुमकिन बनाया।