UP: लखनऊ में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सोनभद्र के दुद्धी में वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दुद्धी बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने संयुक्त बैठक कर न्यायिक कार्य का
UP: लखनऊ में पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सोनभद्र के दुद्धी में वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दुद्धी बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने संयुक्त बैठक कर न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का फैसला किया। वकीलों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए उपजिलाधिकारी निखिल यादव के जरिए राज्यपाल को अपनी मांगें भेजी हैं।
लखनऊ में लाठीचार्ज क्यों हुआ और वकीलों के क्या आरोप हैं?
यह पूरा मामला लखनऊ के वजीरगंज इलाके में सिविल कोर्ट परिसर के पास का है। नगर निगम वहां अवैध चैंबरों को हटाने की कार्रवाई कर रहा था, जिसका वकीलों ने विरोध किया। वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने को कहा था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर गिरा दिए। उनका आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उन पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया और अभद्र व्यवहार किया।
पुलिस का क्या कहना है और अब आगे क्या होगा?
पुलिस अधिकारियों और डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित के मुताबिक, यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने काम में बाधा डाली, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। दूसरी ओर, लखनऊ के वकीलों ने 18 से 20 मई तक पूर्ण कार्य बहिष्कार और ‘काला दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 20 मई को रणनीति तय करने के लिए एक और बड़ी बैठक बुलाई है।
वकीलों ने प्रशासन से क्या मांगें की हैं?
दुद्धी के अधिवक्ताओं ने घायल वकीलों के लिए मुफ्त इलाज और उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही उन्होंने ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह और कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुद्धी के वकीलों ने कार्य बहिष्कार क्यों किया?
लखनऊ के वजीरगंज में अवैध चैंबर हटाने के दौरान पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में दुद्धी बार एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार किया है।
वकीलों का मुख्य आरोप क्या है?
वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने लगभग 240 चैंबरों पर कार्रवाई की और पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।