Dubai जाने वाले भारतीयों के लिए खुशखबरी, अब Visa on Arrival की सुविधा मिलेगी, जान लीजिए नियम
World : अगर आप दुबई घूमने या बिजनेस के सिलसिले में जाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब भारतीय नागरिक कुछ खास शर्तों के साथ दुबई में ‘वीजा ऑन अराइवल’ (Visa on Arrival) की सुविधा का लाभ उठा सकते ह
World : अगर आप दुबई घूमने या बिजनेस के सिलसिले में जाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब भारतीय नागरिक कुछ खास शर्तों के साथ दुबई में ‘वीजा ऑन अराइवल’ (Visa on Arrival) की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) और संघीय प्राधिकरण (ICP) ने इस नियम का विस्तार किया है, जिससे अब ज्यादा भारतीयों के लिए दुबई पहुंचना आसान हो गया है।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए भारतीय पासपोर्ट धारकों के पास कुछ चुनिंदा देशों का वैध वीजा या रेजिडेंस परमिट होना जरूरी है। अगर आपके पास अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (Schengen), ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर या दक्षिण कोरिया का वैध वीजा या ग्रीन कार्ड है, तो आप दुबई एयरपोर्ट पर उतरते ही वीजा ले सकते हैं। शर्त यह है कि आपका पासपोर्ट और इन देशों का वीजा, दोनों की वैलिडिटी दुबई पहुंचने की तारीख से कम से कम छह महीने तक होनी चाहिए।
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| वीजा का प्रकार | सिंगल एंट्री (एक बार आने-जाने के लिए) | |
| समय सीमा | 14 दिन (जिसे एक बार बढ़ाकर कुल 28 दिन किया जा सकता है) | |
| फीस (14 दिन) | लगभग 2,300 रुपये (AED 100) | |
| एक्सटेंशन फीस | लगभग 5,700 रुपये (AED 250) | |
| नया 60 दिन का विकल्प | लगभग 6,800 रुपये (AED 250) – यह बढ़ाया नहीं जा सकता | |
| जरूरी दस्तावेज | पासपोर्ट, वापसी की टिकट, होटल बुकिंग और पर्याप्त फंड का सबूत |
ध्यान रहे कि केवल OCI कार्ड होने से यह सुविधा नहीं मिलेगी। साथ ही, परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह जरूरी है कि परिवार के हर सदस्य के पास अपना खुद का वैध परमिट हो। पेमेंट के लिए एयरपोर्ट पर मारहबा सर्विस काउंटर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां कार्ड या UAE दिरहम में भुगतान करना होगा।
दूसरी तरफ, UAE में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में कुछ बदलाव हुए हैं। 26 से 30 जून 2026 तक ये सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रही थीं क्योंकि इनका काम अब ‘अल हिंद टूर्स एंड ट्रेवल एलएलसी’ (Al Hind Tours and Travel LLC) को सौंपा गया है। 1 जुलाई 2026 से सभी नए आवेदन इसी एजेंसी के जरिए लिए जाएंगे, हालांकि इमरजेंसी सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आई थी।