Dubai में 17 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा, AI और लेजर तकनीक से सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था

World : दुबई की सड़कों को और बेहतर बनाने के लिए वहां के रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की करीब 17 किलोमीटर लंबी सड़कों के रखरखाव और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट में मु

World : दुबई की सड़कों को और बेहतर बनाने के लिए वहां के रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की करीब 17 किलोमीटर लंबी सड़कों के रखरखाव और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट में मुख्य हाईवे, रिहायशी इलाके, इंडस्ट्रियल जोन और साइकिल ट्रैक को शामिल किया गया है ताकि लोगों का सफर आसान और सुरक्षित हो सके।

इस पूरे काम को जून 2026 की शुरुआत तक पूरा कर लिया गया। RTA के रोड्स एंड फैसिलिटी मेंटेनेंस डायरेक्टर अब्दुल्ला लुताह ने बताया कि सड़कों की हालत जांचने के लिए अब आधुनिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लेजर स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक की मदद से सड़क पर आने वाली दरारों, गड्ढों और सतह की खराबी को समय रहते पहचान लिया जाता है और उन्हें ठीक किया जाता है।

दुबई प्रशासन का लक्ष्य 2031 तक पूरे शहर में AI तकनीक को लागू करना है ताकि ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर सड़कों के रखरखाव के फैसले लिए जा सकें। RTA की पेट्रोल कारों में लगे AI लेजर स्कैनर सड़क की 1 मिलीमीटर जितनी छोटी खराबी को भी पकड़ लेते हैं। हर दो साल में पूरे नेटवर्क की ऐसी स्कैनिंग की जाती है।

मरम्मत के दौरान ट्रैफिक की समस्या न हो, इसके लिए इंजीनियरिंग स्टडी के बाद रूट बदले गए थे। इस प्रोजेक्ट के तहत कई प्रमुख सड़कों और इलाकों में काम हुआ है, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

मुख्य सड़कें (Roads) प्रभावित इलाके (Districts)
Sheikh Mohammed bin Zayed Road Mirdif
Al Khawaneej Road Zabeel First
Sheikh Zayed bin Hamdan Al Nahyan Road Margham
Baghdad Road Jebel Ali Industrial 2
Manama Road Al Thanyah Fifth
Algeria Road Al Garhoud
King Salman bin Abdulaziz Al Saud Street –
Riyadh Street –
Amman Street –
Al Wuheida Street –
Zabeel Palace Street –

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुबई की बढ़ती आबादी और आर्थिक विकास के साथ तालमेल बिठाना है। इससे न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि ट्रैफिक का बहाव भी बेहतर होगा और बुनियादी ढांचे की उम्र भी बढ़ेगी।