Dubai में बेसहारा जानवरों को मिलेगा नया घर, खुला नया पेट शेल्टर और डिजिटल अडॉप्शन प्लेटफॉर्म
World : दुबई में रहने वाले लोग अब बेसहारा बिल्लियों और कुत्तों को गोद लेकर उन्हें एक नया जीवन दे सकते हैं। दुबई म्युनिसिपैलिटी ने वॉरसन (Warsan) इलाके में एक नया इंटीग्रेटेड पेट शेल्टर खोला है। इसके साथ ही एक डिजिटल प्ले
World : दुबई में रहने वाले लोग अब बेसहारा बिल्लियों और कुत्तों को गोद लेकर उन्हें एक नया जीवन दे सकते हैं। दुबई म्युनिसिपैलिटी ने वॉरसन (Warsan) इलाके में एक नया इंटीग्रेटेड पेट शेल्टर खोला है। इसके साथ ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है, जिससे लोग आसानी से जानवरों की सेहत और व्यवहार की जानकारी देख सकेंगे और उन्हें गोद ले सकेंगे।
यह नई सुविधा 26 जुलाई 2026 को शुरू की गई थी। जो लोग किसी जानवर को गोद लेना चाहते हैं, वे दुबई नगरपालिका के ऑनलाइन पोर्टल, DubaiNow ऐप या Aleef ऐप के जरिए उपलब्ध जानवरों की लिस्ट देख सकते हैं। गोद लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लोग शेल्टर जाकर जानवरों से मिल भी सकते हैं और उनके साथ समय बिता सकते हैं।
जानवरों को गोद लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। साथ ही, उस व्यक्ति का जानवरों के साथ दुर्व्यवहार या लापरवाही का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। प्रशासन यह भी जांच करेगा कि आवेदन करने वाला व्यक्ति पालतू जानवर की देखभाल, उसके खाने-पीने और इलाज की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है या नहीं।
शेल्टर में आने वाले सभी जानवरों का पूरा ख्याल रखा जाता है। उन्हें गोद देने से पहले उनकी हेल्थ स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन, डीवॉर्मिंग, माइक्रोचिपिंग और नसबंदी (Sterilization) की जाती है। दुबई म्युनिसिपैलिटी ने जानवरों के बेहतर इलाज के लिए Vets Fur Pets और Phoenix Veterinary Clinic के साथ समझौता किया है।
इस सुविधा के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लोकेशन | बर्ड्स एंड पेट्स मार्केट, वॉरसन |
| बिल्ली गोद लेने की फीस | लगभग 230 दिरहम |
| कुत्ता गोद लेने की फीस | लगभग 260 दिरहम |
| न्यूनतम आयु सीमा | 21 वर्ष |
| सुविधाएं | वेटीनरी क्लिनिक, ग्रूमिंग यूनिट, और सर्जरी थिएटर |
डॉ. नसीम मोहम्मद राफेई ने बताया कि यह शेल्टर सार्वजनिक स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं डॉ. आयशा बिन घिलैता ने कहा कि इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य बेसहारा जानवरों को एक सुरक्षित घर देना और लोगों को जानवरों के प्रति जागरूक करना है। फिलहाल बिल्लियाँ इस नए शेल्टर में हैं, जबकि कुत्तों को अल खवानिज वेटीनरी क्लिनिक में रखा गया है।