Dubai में छात्रों के लिए ‘Skills for Life’ प्रोग्राम शुरू, अब किताबों के साथ सीखेंगे जीवन जीने के जरूरी हुनर

World : दुबई ने अपने छात्रों के लिए ‘Skills for Life’ नाम से एक खास पहल शुरू की है। इस प्रोग्राम का मकसद बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें असल जिंदगी की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह य

World : दुबई ने अपने छात्रों के लिए ‘Skills for Life’ नाम से एक खास पहल शुरू की है। इस प्रोग्राम का मकसद बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें असल जिंदगी की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह योजना साल 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से लागू होगी, जिससे प्री-किंडरगार्टन से लेकर बड़ों तक सभी को फायदा मिलेगा।

दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस पहल के लिए निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि वे एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं जो भविष्य का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हो। यह प्रोग्राम दुबई की ‘Education 33 Strategy’ का हिस्सा है, जिसे अक्टूबर 2024 में पेश किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य शिक्षा प्रणाली को छात्र-केंद्रित बनाना है ताकि वे बदलते समय के साथ खुद को ढाल सकें।

Knowledge and Human Development Authority (KHDA) इस पूरे प्रोग्राम की देखरेख करेगा। इस फ्रेमवर्क के जरिए छात्रों को कई जरूरी चीजें सिखाई जाएंगी, जो उनके करियर और निजी जीवन में काम आएंगी। इसमें मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दिया जाएगा:

  • पैसों की समझ: वित्तीय साक्षरता और उपभोक्ता जागरूकता।
  • डिजिटल स्किल: तकनीक का सही और सुरक्षित इस्तेमाल और इंटरनेट पर सही सोच रखना।
  • मानसिक मजबूती: आत्मविश्वास बढ़ाना और मुश्किल समय में खुद को संभालना।
  • सेहत और जीवनशैली: अच्छी आदतें, पोषण और शारीरिक व्यायाम।
  • करियर की तैयारी: सही कोर्स और प्रोफेशन चुनने में मदद करना।
  • सामाजिक व्यवहार: दूसरों के साथ बात करने का तरीका, टीम वर्क और सहानुभूति।
  • मैनेजमेंट: समय का सही उपयोग और लक्ष्य तय करना।

KHDA की रीम वलीद ने बताया कि जीवन भर सीखने का मतलब सिर्फ पढ़ाई नहीं है, बल्कि छात्रों को उन मूल्यों और कौशलों से लैस करना है जो उन्हें जीवन के हर मोड़ पर कामयाब बनाएं। यह पहल यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान द्वारा शुरू किए गए नेशनल एजुकेशन चार्टर का भी समर्थन करती है। इस प्रोग्राम में स्कूल, माता-पिता और कंपनियों के बीच तालमेल बिठाया जाएगा ताकि छात्र व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।