Dubai में लॉन्च हुआ डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म, 3D मॉडल से लैस होगा शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर

World: दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने शहर के लिए ‘डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म’ की शुरुआत की है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें शहर की इमारतों, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के 3D मॉडल तैयार किए गए हैं। इस

World: दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने शहर के लिए ‘डिजिटल ट्विन प्लेटफॉर्म’ की शुरुआत की है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें शहर की इमारतों, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के 3D मॉडल तैयार किए गए हैं। इसका मकसद डेटा और आधुनिक तकनीक के जरिए दुबई को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना और दुनिया भर में उसकी पकड़ मजबूत करना है।

शेख हमदान ने बताया कि यह प्रोजेक्ट मोहम्मद बिन राशिद के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें तकनीक के इस्तेमाल से शहर को और बेहतर बनाया जा सके। यह प्लेटफॉर्म ‘दुबई इकोनॉमिक एजेंडा (D33)’ के लक्ष्यों को पूरा करने और डिजिटल बदलाव में नेतृत्व करने में मदद करेगा। इस सिस्टम में दुबई की 1,95,000 से ज्यादा इमारतों, 3,30,000 सार्वजनिक सुविधाओं और 2,80,000 इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के डिजिटल 3D मॉडल शामिल किए गए हैं।

दुबई डिजिटल अथॉरिटी ने 2025 में इस पहल को तेज किया था ताकि शहरी सेवाओं की प्लानिंग बेहतर हो सके। वहीं, दुबई पुलिस ने भी जून 2026 में अपना डिजिटल ट्विन सिस्टम शुरू किया है, जो स्मार्ट निगरानी के जरिए सुरक्षा बढ़ाएगा। इसमें पायलट फेज के तौर पर 150 कैमरों को जोड़ा गया है। इसके अलावा, दुबई नगर पालिका ने 2024 में ‘दुबई हियर’ पोर्टल के जरिए जियोस्पेशियल डेटा उपलब्ध कराना शुरू किया था।

इस तकनीक का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी हो रहा है। Mohammed Bin Rashid Space Centre और SpaceData ने अंतरिक्ष खोज और आपदा भविष्यवाणी के लिए डिजिटल ट्विन समाधान विकसित करने का समझौता किया है। वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ दुबई और अन्य संस्थान ऊंची इमारतों के मैनेजमेंट के लिए AI और IoT का इस्तेमाल कर रहे हैं। DEWA ने अपने स्मार्ट ग्रिड को और बेहतर बनाया है और दुबई एयरपोर्ट ने यात्रियों की भीड़ को मैनेज करने के लिए अपने टर्मिनल का डिजिटल ट्विन अपडेट किया है।

दुबई सरकार ने इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए डेटा सुरक्षा के कड़े नियम बनाए हैं। इसमें डेटा फ्लो को एन्क्रिप्टेड रखा जाता है ताकि प्राइवेसी बनी रहे। यूएई का लक्ष्य 2027 तक दुनिया की पहली ‘AI-native’ सरकार बनना है।