Dubai बना दुनिया का बड़ा फाइनेंशियल हब, ग्लोबल रैंकिंग में पहुँचा 7वें नंबर पर

Finance: दुबई दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में अपनी जगह पक्की कर रहा है। साल 2025 में यहाँ 182 नई कंपनियों को लाइसेंस मिले और अब दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) में 1,050 से ज्यादा रेगुलेटेड संस्थाएं काम कर

Finance: दुबई दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में अपनी जगह पक्की कर रहा है। साल 2025 में यहाँ 182 नई कंपनियों को लाइसेंस मिले और अब दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) में 1,050 से ज्यादा रेगुलेटेड संस्थाएं काम कर रही हैं। मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स इंडेक्स में दुनिया के 7वें स्थान पर पहुँच गया है।

दुबई का लक्ष्य 2033 तक दुनिया के टॉप चार फाइनेंशियल सेंटर्स में शामिल होना है। यह लक्ष्य दुबई इकोनॉमिक एजेंडा (D33) और DIFC 2030 स्ट्रेटजी के तहत तय किया गया है। दुबई के फर्स्ट डिप्टी रूलर शेख मक्तूम बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने कहा कि यह तरक्की उनके आर्थिक विजन और अंतरराष्ट्रीय भरोसे का नतीजा है। DFSA के चेयरमैन फादेल अल अली और चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क स्टीवर्ड ने बताया कि निवेशक यहाँ के मजबूत नियमों और लंबी अवधि की विश्वसनीयता की वजह से आ रहे हैं।

सेक्टर खास जानकारी (2025 डेटा)
बैंकिंग कुल बैलेंस शीट 251 बिलियन डॉलर पहुँची, जिसमें 19% की सालाना बढ़त हुई।
वेल्थ मैनेजमेंट मैनेज्ड एसेट्स बढ़कर 176 बिलियन डॉलर और एडवाइजरी एसेट्स 220 बिलियन डॉलर हुए।
कैपिटल मार्केट्स OTC मार्केट के लेनदेन की वैल्यू Q4 2025 तक 13 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई।
इंश्योरेंस बीमा से जुड़ी संस्थाओं की संख्या में 15% की बढ़ोत्तरी हुई।
AI इनोवेशन 52% कंपनियां AI का इस्तेमाल कर रही हैं, वहीं जनरेटिव AI के इस्तेमाल में 166% का उछाल आया।
नई कंपनियां (Q1 2026) 2026 की पहली तिमाही में 775 नई कंपनियां जुड़ीं, जो पिछले साल से 62% ज्यादा हैं।

दुबई अब खुद को दुनिया का पहला AI-नेटिव फाइनेंशियल सेंटर बनाने की तैयारी में है। इसके लिए मार्च 2025 में टोकनाइजेशन रेगुलेटरी सैंडबॉक्स शुरू किया गया, जिसमें 6 देशों की 96 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा, जुलाई 2026 से एक्टिविटी-बेस्ड कैपिटल रिक्वायरमेंट्स (ABCR) लागू किए जाएंगे।