Dubai Customs अब AI और नई तकनीक से संभालेगा ग्लोबल ट्रेड, लीडर्स की ट्रेनिंग के लिए शुरू किए कई प्रोग्राम

World : दुबई कस्टम्स ने आने वाले समय में ग्लोबल ट्रेड को बेहतर बनाने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। अब यहां के अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट

World : दुबई कस्टम्स ने आने वाले समय में ग्लोबल ट्रेड को बेहतर बनाने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। अब यहां के अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट सेवाओं का सही इस्तेमाल कर सकें। दुबई कस्टम्स के डायरेक्टर जनरल डॉ अब्दुल्ला बुसेनाद ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए लीडर्स में निवेश करना बहुत जरूरी है।

दुबई कस्टम्स ने इसके लिए 2026-2030 का एक खास रणनीतिक प्लान तैयार किया है। इस प्लान का मकसद AI को सिर्फ एक मददगार टूल न रखकर उसे फैसले लेने वाली मुख्य व्यवस्था बनाना है। इसके साथ ही डिजिटल कामकाज को बढ़ाकर रिस्क कंट्रोल को और मजबूत किया जाएगा। इस दिशा में ‘मसार 33’ (Masar 33) नाम का एक फ्रेमवर्क शुरू किया गया है, जिसके तहत नए दौर के लीडर्स तैयार किए जा रहे हैं।

लीडरशिप और ट्रेनिंग को लेकर दुबई कस्टम्स ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

तारीख/प्रोग्राम मुख्य विवरण
जनवरी 11, 2026 ग्लोबल इनोवेशन मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (GIMI) से फ्यूचर फोरसाइट की मान्यता मिली
मई 21, 2026 यूनिवर्सिटी ऑफ दुबई के साथ मिलकर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की
जून 18, 2026 ‘एग्जीक्यूटिव लीडरशिप’ प्रोग्राम लॉन्च किया गया, जो मसार 33 का दूसरा फेज है
जुलाई 12, 2026 NUS बिजनेस स्कूल के साथ ‘स्ट्रैटेजिक ट्रेड फ्यूचर्स लीडरशिप प्रोग्राम’ की समीक्षा की गई
दिसंबर 15, 2025 2026-2030 के रणनीतिक प्लान में AI और डिजिटलाइजेशन को जोड़ा गया

शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस बात पर जोर दिया कि एडवांस सिस्टम चलाने के लिए कुशल प्रोफेशनल्स का होना जरूरी है। इसी वजह से दुबई कस्टम्स ट्रेनिंग और डिजिटल स्किल्स पर काफी पैसा खर्च कर रहा है। विभाग का लक्ष्य दुबई को दुनिया का सबसे एडवांस और आसान कस्टम डेस्टिनेशन बनाना है। इसके लिए सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाकर ट्रेड को और लचीला बनाया जा रहा है।