NATO समिट: डोनाल्ड ट्रंप ने पहले सहयोगियों को फटकारा, फिर कहा कमरे में बहुत प्यार और एकता थी
World : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने तुर्की के Ankara में हुई NATO समिट के बाद अपना रुख बदलते हुए नरम लहजे में बात की। शुरुआत में उन्होंने ईरान विवाद को लेकर अपने साथी देशों की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन मीटिंग खत
World : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने तुर्की के Ankara में हुई NATO समिट के बाद अपना रुख बदलते हुए नरम लहजे में बात की। शुरुआत में उन्होंने ईरान विवाद को लेकर अपने साथी देशों की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद उन्होंने चर्चाओं को सकारात्मक बताया। ट्रंप ने कहा कि कमरे में सभी नेताओं के बीच काफी प्यार और एकता दिखी।
7 और 8 जुलाई 2026 को हुई इस बैठक में ट्रंप का व्यवहार काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। समिट की शुरुआत में उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम को खत्म घोषित कर दिया और वहां के नेतृत्व पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने खासतौर पर इटली, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन जैसे देशों पर निशाना साधा। उनका कहना था कि ये देश ईरान विवाद में अमेरिका की मदद नहीं कर रहे हैं और अपनी रक्षा बजट की जरूरतों को भी पूरा नहीं कर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के तेल निर्यात से जुड़ी छूट को भी वापस ले लिया। इस समिट के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर Greenland को खरीदने की इच्छा जताई, जिससे राजनयिक विवाद खड़ा हो गया।
हालांकि, 8 जुलाई को समिट के समापन पर ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका इस गठबंधन का हिस्सा बना रहेगा। बंद कमरे में हुई बातचीत के मुताबिक, अमेरिका NATO सदस्यों को हथियार बेचना जारी रखेगा। सभी नेताओं ने सामूहिक रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यूरोपीय देशों और कनाडा ने भी अपनी जिम्मेदारी बढ़ाते हुए रक्षा खरीद के लिए 50 अरब डॉलर से ज्यादा का ऐलान किया। साथ ही 2026 के लिए यूक्रेन को 70 अरब यूरो की सैन्य मदद देने का वादा किया गया है। NATO के महासचिव Mark Rutte ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को जरूरी बताया है।