Trump ने ईरान को दी चेतावनी, Strait of Hormuz पर कहा- हमारा ‘Wall of Steel’ है, नहीं चलेगी कोई चाल

World : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने दावा किया कि Strait of Hormuz पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वह इसे बरकरार रखेगा। T

World : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने दावा किया कि Strait of Hormuz पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वह इसे बरकरार रखेगा। Trump ने अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी को ‘Wall of Steel’ यानी स्टील की दीवार बताया है, जिसे पार करना ईरान के लिए नामुमकिन है।

Trump ने अपने पोस्ट में ईरान की सैन्य ताकत का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ईरान के पास अब न तो कोई नौसेना बची है और न ही वायुसेना। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के सैनिक बिना वेतन के हैं और वहां की IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) पूरी तरह बिखर चुकी है और उसके लोग भाग रहे हैं। उनके मुताबिक ईरान की लीडरशिप अब अनिश्चित है और देश में 300% तक महंगाई बढ़ गई है, जिससे वहां पैसों की भारी किल्लत है।

दूसरी तरफ, ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। PGSA ने X पर कहा कि Strait of Hormuz अभी भी बंद है और जब तक ईरान की शर्तें नहीं मानी जातीं, इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा। इस तनाव का असर जहाजों की आवाजाही पर साफ दिख रहा है। मंगलवार, 12 अगस्त 2026 को इस रास्ते से सिर्फ आठ जहाज गुजरे, जो पिछले एक हफ्ते का सबसे निचला स्तर है। युद्ध शुरू होने से पहले यहां रोजाना करीब 130 जहाज गुजरते थे।

इस पूरे मामले में इजरायल ने भी अपनी राय रखी है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका की यह समुद्री घेराबंदी बहुत असरदार है और इससे ईरान का आर्थिक संकट और गहरा गया है। वहीं, ओमान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं, लेकिन ईरानी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल युद्धविराम को आगे बढ़ाने की कोई बात नहीं हो रही क्योंकि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है।

तनाव के बीच 12 अगस्त को UK Maritime Trade Operations ने जानकारी दी कि Strait of Hormuz में एक जहाज पर किसी अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान की PGSA वेबसाइट का एन्क्रिप्शन भी हटा दिया गया है, जिससे उनके संवेदनशील कमर्शियल डेटा के लीक होने का खतरा बढ़ गया है।