Lucknow में 17 अगस्त को विधानसभा का घेराव करेंगे दिव्यांग, सामाजिक समानता कानून की मांग

UP/Lucknow: दिव्यांग महागठबंधन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 17 अगस्त 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय और विधानसभा का घे

UP/Lucknow: दिव्यांग महागठबंधन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 17 अगस्त 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय और विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए दिव्यांगजन अपनी बुनियादी जरूरतों और कानूनी अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार ने फेसबुक के जरिए इस आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को सुबह 10 बजे सभी दिव्यांग साथी लखनऊ पहुंचेंगे। प्रदर्शन की मुख्य मांग एक ऐसा ‘सामाजिक समानता कानून’ बनाना है, जो दिव्यांगों के लिए नौकरी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोटी, कपड़ा और मकान की 100 प्रतिशत गारंटी दे सके।

संगठन ने सरकार के सामने कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं, ताकि दिव्यांगजनों का जीवन स्तर सुधारा जा सके। इन मांगों में पेंशन की राशि बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह करना और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 को पूरी तरह लागू करना शामिल है। साथ ही, सभी दिव्यांगों को सरकारी आवास और अंत्योदय राशन कार्ड देने की मांग की गई है।

मुख्य मांगें विवरण
पेंशन 5,000 रुपये प्रति माह की जाए
वित्तीय सहायता रोजगार के लिए 10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण
सुविधाएं 60% से अधिक दिव्यांगता वालों को स्कूटर मिले
आवास एवं राशन सरकारी आवास और अंत्योदय राशन कार्ड जारी हों
रोजगार शिक्षित दिव्यांगों को नौकरी और रिक्त पदों की बहाली
कानून सामाजिक समानता कानून लागू करना

बता दें कि दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए यह संघर्ष पुराना है। इससे पहले भी मई 2026 और नवंबर 2025 में लखनऊ में प्रदर्शन हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी अप्रैल 2025 में एक फैसले में कहा था कि दिव्यांगों के लिए समानता सुनिश्चित करने में उचित आवास का सिद्धांत बहुत जरूरी है। वहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भी 2016 के अधिनियम के जरिए उनकी पूर्ण भागीदारी की बात करता है।