Dharavi Redevelopment: पुनर्वास को लेकर लोगों में डर, Varsha Gaikwad ने सरकार से मांगी लिखित गारंटी

Maharashtra: मुंबई के धारावी इलाके में चल रहे पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय निवासियों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष Varsha Gaikwad ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर हस्तक

Maharashtra: मुंबई के धारावी इलाके में चल रहे पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय निवासियों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष Varsha Gaikwad ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि लोग अपने घर और भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए सरकार को उन्हें लिखित गारंटी देनी चाहिए।

Varsha Gaikwad ने 13 जून 2026 को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde को पत्र लिखा। उन्होंने मांग की है कि अधिकारियों के साथ जल्द बैठक हो और पुनर्वास की एक स्पष्ट पॉलिसी सामने आए। उन्होंने खास तौर पर शाहू नगर के उन 47 रिहायशी मकानों का जिक्र किया, जिन्हें BMC के एस्टेट विभाग ने 10 जून 2026 को नोटिस भेजकर सात दिन में खाली करने को कहा था। गाइकवाड़ का आरोप है कि इन नोटिसों में यह नहीं बताया गया कि लोगों को कहां बसाया जाएगा, मकान का साइज क्या होगा और उनके अधिकारों की रक्षा कैसे होगी।

कांग्रेस नेता ने यह मुद्दा लोकसभा में भी उठाया था, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वे लिस्ट में बहुत से लोगों को ‘अपात्र’ (ineligible) घोषित कर दिया गया है। उन्होंने Adani Group को इस प्रोजेक्ट के लिए दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने 8 जून 2026 को एक समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा कि निवासियों का कल्याण उनकी प्राथमिकता है और उन्होंने अधिकारियों को 2028 तक 10,000 घर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पुनर्वास को लेकर सरकार और SRA ने कुछ नियम तय किए हैं, जिन्हें आम लोग जान सकते हैं:

विवरण नियम/सुविधा
नया घर (Carpet Area) कम से कम 500 sq ft या पुराने घर का 1.35 गुना (जो भी ज्यादा हो)
किराया सहायता मकान के साइज के हिसाब से 22,000 से 30,000 रुपये महीना (सालाना 5% बढ़ोत्तरी)
शिफ्टिंग भत्ता एक बार के लिए 15,000 रुपये
अस्थाई आवास धारावी सेक्टर 5 में MHADA की बिल्डिंग्स का विकल्प
पात्रता विवाद सेक्टर-वार कैंप लगाकर दस्तावेजों की जांच की जाएगी

SRA के CEO डॉ. महेंद्र कलyankar ने भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज होंगे, उन्हें प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। शाहू नगर के निवासियों से वादा किया गया है कि उन्हें अगले पांच साल के भीतर उसी इलाके में स्थायी घर दिए जाएंगे। फिलहाल, SRA ने लोगों को 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज जमा करने का आखिरी मौका दिया है।