Kuwait में फंसी उत्तराखंड के देवदयाल की पत्नी, मदद के लिए गुहार; भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
Uttarakhand: कुवैत में फंसे भारतीय नागरिकों की समस्या अब गंभीर होती जा रही है। ताजा मामला उत्तराखंड के देवदयाल की पत्नी का है, जो कुवैत में फंसी हुई हैं और वापस घर लौटने के लिए संघर्ष कर रही हैं। परिवार ने इस मुश्किल घड़
Uttarakhand: कुवैत में फंसे भारतीय नागरिकों की समस्या अब गंभीर होती जा रही है। ताजा मामला उत्तराखंड के देवदयाल की पत्नी का है, जो कुवैत में फंसी हुई हैं और वापस घर लौटने के लिए संघर्ष कर रही हैं। परिवार ने इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन और सरकार से मदद की मांग की है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके।
कुवैत में इस समय भारतीय नागरिकों के लिए नियम काफी बदल गए हैं। वहां की सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे कई लोग रेजिडेंसी और वीजा की समस्याओं से जूझ रहे हैं। नए नियमों के मुताबिक अब डिपेंडेंट वीजा की फीस में बदलाव किया गया है और कुछ श्रेणियों के लिए रेजिडेंसी परमिट की अवधि 10 से 15 साल तक बढ़ा दी गई है। साथ ही, दिसंबर 2025 से वहां सभी निवासियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है।
भारतीय दूतावास कुवैत में फंसे भारतीयों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है। दूतावास ने आपातकालीन स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर +965 6550 1946 और ईमेल community.kuwait@mea.gov.in जारी किया है। दूतावास पासपोर्ट और वीजा जैसी कांसुलर सेवाएं सामान्य रूप से दे रहा है।
पिछले कुछ समय में क्षेत्रीय तनाव की वजह से कुवैत में हवाई सेवाओं में भी काफी दिक्कतें आई हैं। मार्च से जून 2026 के बीच हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कई भारतीय वहां फंस गए थे। ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास ने Jazeera Airways जैसी एयरलाइन्स के साथ मिलकर लोगों को सऊदी अरब के रास्ते भारत भेजने की व्यवस्था की थी।
कुवैत के नए नियमों के अनुसार, अब बिना यूनिवर्सिटी डिग्री वाले विदेशी नागरिक भी अपने जीवनसाथी और 14 साल से कम उम्र के बच्चों को स्पॉन्सर कर सकते हैं, बशर्ते उनकी मासिक सैलरी 800 KWD हो। पासपोर्ट की वैधता के लिए अब केवल छह महीने का समय जरूरी है और परमिट की समय सीमा अब पासपोर्ट की एक्सपायरी से नहीं जुड़ी है।