Deoria के लार में बिजली कर्मियों का प्रदर्शन, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ कूच की चेतावनी
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार में सोमवार को आउटसोर्स संविदा विद्युत कर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत उपकेंद्र पर धरने पर बैठे और सरकार को चेतावनी दी कि अग
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार में सोमवार को आउटसोर्स संविदा विद्युत कर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत उपकेंद्र पर धरने पर बैठे और सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे लखनऊ कूच करेंगे। यह पूरा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदासंविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर किया गया था।
कर्मचारियों की मुख्य नाराजगी न्यूनतम वेतन और छंटनी को लेकर है। संघ की मांग है कि आउटसोर्स कर्मियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये निर्धारित किया जाए। इसके अलावा कैशलेस उपचार की सुविधा, ईपीएफ घोटाले की जांच, बकाया वेतन का भुगतान और श्रम कानूनों का सही से पालन करने जैसी 7 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर लगभग 25,000 संविदा कर्मियों को काम से निकाल दिया है, जिसका वे कड़ा विरोध कर रहे हैं।
यह आंदोलन केवल देवरिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में जारी है। 28 और 29 जुलाई को लखनऊ के शक्ति भवन के पास बड़ा प्रदर्शन हुआ था, जहां प्रबंध निदेशक के साथ वार्ता हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद 30 जुलाई को मैनपुरी और हाथरस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ और 1 अगस्त को बदायूं के विभिन्न केंद्रों पर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने यह साफ किया है कि वे उपभोक्ताओं को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, लेकिन अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे।
इस पूरे विवाद में प्रांतीय महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडे और अन्य पदाधिकारियों की मुख्य भूमिका है। हालांकि, प्रबंधन ने मई 2025 में न्यूनतम मजदूरी में 1000 रुपये की वृद्धि की बात कही थी, लेकिन कर्मचारी इसे नाकाफी मान रहे हैं। इससे पहले जुलाई 2024 में तबादलों के आदेश को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसे संगठनों ने न्यायालय के आदेश का उल्लंघन बताया था।