Delhi Zoo में 15 साल बाद जन्मे किंग कोबरा के 3 बच्चे, मशीनों की मदद से हुआ जन्म
Delhi: दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क (National Zoological Park) से एक अच्छी खबर आई है। यहां करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद किंग कोबरा सांप के तीन बच्चों का जन्म हुआ है। इन बच्चों को प्राकृतिक तरीके के बजाय मशीनों यान
Delhi: दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क (National Zoological Park) से एक अच्छी खबर आई है। यहां करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद किंग कोबरा सांप के तीन बच्चों का जन्म हुआ है। इन बच्चों को प्राकृतिक तरीके के बजाय मशीनों यानी आर्टिफिशियल इनक्यूबेशन की मदद से दुनिया में लाया गया है।
चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बताया कि मादा कोबरा ने जैसे ही अंडे दिए, उन्हें तुरंत एक खास आर्टिफिशियल इनक्यूबेशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि अंडों का तापमान सही बना रहे और वे सुरक्षित रहें। दरअसल, कोबरा की यह आदत होती है कि वे अपने ही अंडों और बच्चों को खा सकते हैं, इसलिए उन्हें अलग रखना जरूरी था।
यह घटना इसलिए खास है क्योंकि पिछले 15 सालों में दिल्ली चिड़ियाघर में किसी भी रेप्टाइल (सरीसृप) का जन्म नहीं हुआ था। इससे पहले साल 2010-2011 में 11 घड़ियाल के बच्चे पैदा हुए थे, लेकिन वे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाए थे।
आमतौर पर मादा कोबरा 10 से 40 के बीच अंडे देती है और उन्हें फूटने में 50 से 60 दिन का समय लगता है। अब इन छोटे कोबरा बच्चों को करीब एक हफ्ते तक अपनी पुरानी स्किन छोड़ने का समय दिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें छोटे मेंढक और नए जन्मे चूहों का खाना दिया जाएगा।