Delhi: दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क में अब नए वन्यजीवों की रौनक देखने को मिलेगी। पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से बाघ, भेड़िये और घड़ियाल जैसे कई दुर्लभ जानवर दिल्ली पहुंच चुके हैं। वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत
Delhi: दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क में अब नए वन्यजीवों की रौनक देखने को मिलेगी। पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से बाघ, भेड़िये और घड़ियाल जैसे कई दुर्लभ जानवर दिल्ली पहुंच चुके हैं। वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुए इस आदान-प्रदान से दिल्ली चिड़ियाघर का आकर्षण और बढ़ जाएगा।
कौन-कौन से जानवर आए और कौन से गए?
दिल्ली और पटना के बीच जानवरों की अदला-बदली की गई है ताकि उनकी प्रजातियों को सुरक्षित रखा जा सके। इस लिस्ट में कई खास जानवर शामिल हैं:
| पटना से दिल्ली आए |
दिल्ली से पटना गए |
| 2 जोड़े भारतीय ग्रे भेड़िये (2 नर, 2 मादा) |
2 नर और 4 मादा संगाई हिरण |
| 1 बाघ |
1 सफेद बाघिन |
| 4 घड़ियाल |
पेंटेड स्टार्क और ग्रेट व्हाइट पेलिकन |
| 2 धामन सांप और 2 बार्न आउल |
काला मृग |
जनता के लिए कब खुलेंगे बाड़े?
फिलहाल इन सभी नए मेहमानों को क्वारंटाइन में रखा गया है। पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे इनकी सेहत और व्यवहार की निगरानी कर रही है। जब सभी जानवरों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो जाएगी और वे पूरी तरह स्वस्थ पाए जाएंगे, तभी उन्हें आम दर्शकों के लिए बाड़ों में छोड़ा जाएगा।
इस प्रोग्राम का असली मकसद क्या है?
दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने बताया कि यह तालमेल केवल जानवरों की अदला-बदली नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक प्रजनन को मजबूत करना और वन्यजीवों की विविधता को बनाए रखना है। इससे भेड़ियों की आबादी को स्थिर करने और आनुवंशिक बीमारियों को रोकने में मदद मिलेगी, जिससे जानवरों का भविष्य बेहतर होगा।